Faridabad News: सोमवार शाम फरीदाबाद के सेक्टर-24 में स्थित एक औद्योगिक इकाई (एमजीए इंडस्ट्रीज या इसी प्रकार की फैक्ट्री) में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। इस हादसे में दो पुलिसकर्मियों सहित 35 से अधिक लोग झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत बादशाह खान अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
दैनिक जागरण के मुताबिक, फैक्ट्री में सीएनसी मशीन के जरिए स्टील प्लेटों की कटिंग की जाती थी। सोमवार शाम लगभग चार बजे कटिंग के दौरान निकली एक चिंगारी पास में रखे रसायन से भरे ड्रम में जा गिरी, जिससे आग भड़क उठी। कर्मचारियों ने शुरुआती स्तर पर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके के बाद लपटें तेजी से फैलती चली गईं और कुछ ही समय में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। घटना का एक वीडियो में भी सामने आया है जिसमें फैक्ट्री से आग के गुब्बारे आसमान में उठते हुए दिखाई दिए।
हादसे में 35 से ज्यादा लोग झुलसे
स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि इस हादसे में 35 से ज्यादा लोग झुलसे हैं। इनमें से 12 घायलों को बादशाह खान सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य को अलग-अलग निजी अस्पतालों में उपचार के लिए भेजा गया है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। हालांकि, फैक्ट्री में तेल से भरे ड्रम मौजूद होने के कारण आग बुझाने में काफी मुश्किलें आईं और लपटें और भी तेज हो गईं।
दो पुलिसकर्मी भी घायल
कुछ खबरों में आग लगने की एक वजह शॉर्ट सर्किट भी बताई गई है, हालांकि शुरुआती जांच में सीएनसी मशीन से निकली चिंगारी के रसायन से भरे ड्रम तक पहुंचने और उसके बाद हुए विस्फोट को मुख्य कारण माना जा रहा है। इस हादसे में झुलसने वालों में मनोज, लुकमान, अनीश, राकेश, विपिन और रविंदर समेत अन्य लोग शामिल हैं। आग पर काबू पाने और राहत कार्य के दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
घटना की जांच जारी
पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और फैक्ट्री मालिक से पूछताछ की जा रही है। फायर ब्रिगेड और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल आग पूरी तरह बुझा दी गई है। हालांकि, इस घटना के बाद फैक्ट्री में सुरक्षा प्रबंधों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। औद्योगिक इलाकों में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा मानकों और सख्त दिशानिर्देश लागू करने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
