Maharashtra Local Body Election: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को टाइम्स नाउ नवभारत के सुशांत सिन्हा के साथ खास बातचीत में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बढ़ते ग्राफ पर खुलकर बात की और उन सीटों को भी गिनाया, जिनको जीतने का हौंसला ओवैसी की पार्टी रखती है।
देवेंद्र फडणवीस ने क्या कुछ कहा?
फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के कुछ इलाके में ओवैसी को मानने वाले लोग हैं... आपने देखा होगा कि छत्रपति संभाजी नगर से उनकी पार्टी का सांसद चुना गया था... पिछले समय उनके विधायक जीत कर आए थे और इस चुनाव में भी चुनकर आए हैं। नगर पालिका और महानगर पालिका में एकाद पार्षद चुनकर आते हैं... तो उनकी ऑडियंस तो है, इसमें कोई दोराय नहीं है...
जब देवेंद्र फडणवीस से सुशांत सिन्हा ने सवाल किया कि इस चुनाव में ओवैसी का प्रदर्शन कैसा होगा? इस पर उन्होंने कहा, ''देखिए... छत्रपति संभाजी नगर, छुले, मालेगांव और नागपुर में उनको कुछ सीटें मिलती हैं। इससे ज्यादा उनका कोई प्रदर्शन नहीं है।''
क्या AIMIM संग गठबंधन करेंगे फडणवीस?
भाजपा ने एआईएमआईएम और कांग्रेस के साथ गठबंधन क्यों किया? इससे जुड़े सवाल पर फडणवीस ने खुलकर जवाब दिया और विधायक पर हुई कार्रवाई पर बात की। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम को साथ लेना हमें मंजूर नहीं है और यह एकदम गलत है... अकोट नगर पालिका में 15,000 से 17,000 वोटर हैं, वहां पर भाजपा का अध्यक्ष चुनकर आया। हम वहां पर एनसीपी के साथ आए...
उन्होंने कहा कि हमारी मेजॉरिटी नहीं थी। अभी महाराष्ट्र में होता है कि पोस्ट पोल आप साथ में आकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, हमने वो रजिस्ट्रेशन किया... तब हमारे ध्यान में आया एनसीपी ने एआईएमआईएम के चार लोगों के साथ रजिस्ट्रेशन किया है, जो ऑटोमेटिक हमारे रजिस्ट्रेशन का पार्ट हो गए। इसके तत्काल बाद हमने कार्रवाई की और उस गठबंधन से हम बाहर निकले।
भाजपा विधायक पर गिरी गाज
फडणवीस ने कहा, ''हमारे विधायक, जो 6 बार से MLA हैं, ने ऐसी गलती क्यों की मुझे पता नहीं। हमने उस विधायक को सस्पेंशन का नोटिस दे दिया और कहा- हमें ये मंजूर नहीं है और अंबरनाथ में अध्यक्ष भाजपा का चुनकर आया और हमारे सामने शिवसेना थी और हम एक-दूसरे के खिलाफ लड़े। नीचे में मैंडेट गड़बड़ आया...''
उन्होंने कहा, ''मेरा मानना है कि शिवसेना और हमें साथ आना चाहिए, लेकिन स्थानीय स्तर पर शिवसेना और भाजपा के नेता के बीच 36 का आंकड़ा है, जो पर्सनल है तो उन्होंने प्रयास किया कि शिवसेना के साथ गठबंधन नहीं करना है तो किसी और को लेकर आएंगे... ऐसे में कांग्रेस से जो चुनकर आए, उनमें कुछ ऐसे थे, जिन्हें हमने टिकट नहीं दिया तो वह कांग्रेस से चुनकर आए... हमने निर्णय किया कि कांग्रेस के लोगों को हम अपनी पार्टी में लेंगे... हम कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करना चाहते थे, बल्कि उनको अपनी पार्टी के साथ लेना चाहते थे...''
