Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार की लाडकी बहन योजना को लेकर चुनावी माहौल में नया विवाद खड़ा हो गया है। सरकार दिसंबर और जनवरी महीने की किस्त एक साथ संक्रांति पर्व के अवसर पर महिलाओं के खातों में ट्रांसफर करने की योजना में है। जिसपर कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति जताई है और इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। इस योजना के तहत सरकार करीब 1 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में कुल 3,000 रुपये जमा करने जा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि 14 जनवरी को होने वाले नगरपालिका चुनावों से ठीक पहले इस तरह की राशि जारी करना मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास है।
कांग्रेस ने मतदान को प्रभावित करने के आरोप लगाए
महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव संदेश कोंडविलकर ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि लाडकी बहन योजना की दूसरी किस्त को फिलहाल रोका जाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव से ठीक पहले महिलाओं के खातों में पैसा डालना सत्तारूढ़ दल के पक्ष में माहौल बनाने जैसा है। कांग्रेस ने इसे सामूहिक सरकारी रिश्वतखोरी करार देते हुए कहा है कि इससे महिला मतदाताओं पर दबाव पड़ सकता है और वे सत्ताधारी दल के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान कर सकती हैं।
चुनाव आयोग ने मांगा सरकार से जवाब
कांग्रेस की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव और योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारियों से जवाब तलब किया है। आयोग ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।
‘योजना के विरोध में नहीं हैं’
कांग्रेस ने यह भी साफ किया है कि वह लाडकी बहन योजना के खिलाफ नहीं है। पार्टी का कहना है कि अगर यह राशि मतदान के बाद जारी की जाए, तो किसी तरह का विवाद पैदा नहीं होगा और चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहेगी।
भाजपा का पलटवार
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कांग्रेस महिला हितों की योजनाओं का विरोध कर रही है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस महिलाओं को मिलने वाली सहायता को भी राजनीतिक चश्मे से देख रही है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में 14 जनवरी को मतदान होना है, जबकि 16 जनवरी को मतगणना और नतीजों की घोषणा की जाएगी। ऐसे में लाडकी बहन योजना की किस्त को लेकर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।
