Mumbai-Pune Expressway Missing Link: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बहुप्रतीक्षित 13.3 किलोमीटर लंबी 'मिसिंग लिंक' परियोजना का शुक्रवार को उद्घाटन किया। यह परियोजना खड़ी चढ़ाई वाले पहाड़ी दर्रे के हिस्से से बाहर-बाहर गुजरती है और इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा में सुधार करना एवं दोनों प्रमुख शहरों के बीच यात्रा की दूरी को कम करना है। इस परियोजना का उद्घाटन महाराष्ट्र स्थापना दिवस के अवसर पर किया गया।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने एक्सप्रेसवे के खालापुर (रायगढ़ जिला) छोर पर 'मिसिंग लिंक' का उद्घाटन किया और इसके बाद परियोजना के लोनावला जाने वाले मार्ग पर वाहन चलाया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे वाहन में उनके पास बैठे थे।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने 'मिसिंग लिंक' में दौड़ाई कार (फोटो साभार: @CMOMaharashtra)
खोपोली से कुसगांव को जोड़ता है मिसिंग लिंक
'मिसिंग लिंक' परियोजना मुंबई की ओर खोपोली को पुणे जिले में लोनावला के पास कुसगांव से जोड़ती है। इससे एक्सप्रेसवे को पूरी तरह नियंत्रित प्रवेश वाला बनाए जाने और घाट यानी पहाड़ी दर्रे वाले हिस्से में यातायात दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
6,700 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) द्वारा 6,700 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना में दो सुरंगें, दो पुल और 'टाइगर वैली' पर एक केबल आधारित पुल शामिल है। यह खड़ी चढ़ाई वाले और दुर्घटना संभावित खंडाला या भोर घाट वाले हिस्से के बाहर-बाहर नया मार्ग उपलब्ध कराती है। इस घाट पर विशेष रूप से सप्ताहांत और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में अक्सर यातायात जाम हो जाता है।
एमएसआरडीसी ने एक विज्ञप्ति में बताया कि यह परियोजना 19.16 किलोमीटर लंबे आधुनिक गलियारे का हिस्सा है। अधिकारियों ने कहा कि 'मिसिंग लिंक' से मुंबई-पुणे यात्रा की दूरी करीब छह किलोमीटर कम होगी और यात्रा समय में 20 से 30 मिनट की कमी आएगी।
हल्के वाहनों को मिलेगी एंट्री
नए मार्ग पर शुरुआत में केवल हल्के मोटर वाहनों और बसों को अनुमति दी जाएगी और भारी मालवाहक वाहन सुरक्षा कारणों से मौजूदा घाट मार्ग का ही इस्तेमाल करेंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परियोजना के कारण रायगढ़ जिले के खालापुर टोल प्लाजा सहित कहीं भी टोल बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है।
एमएसआरडीसी ने बताया कि सुरंगों का निर्माण सुरंग बनाने की नई ऑस्ट्रियाई पद्धति (NATM) से किया गया है। इसके लिए सह्याद्री पर्वत श्रृंखला में अलग-अलग प्रकार की चट्टानों पर व्यापक भूगर्भीय अध्ययन किए गए। सुरंग संख्या एक की लंबाई 1.58 किलोमीटर है, जबकि सुरंग संख्या दो की लंबाई 8.86 किलोमीटर है।
अधिकारियों ने कहा कि ये सुरंगें करीब 23.5 मीटर चौड़ी हैं और दुनिया की सबसे चौड़ी सड़क सुरंगों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 'गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में मान्यता के लिए आवेदन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, 650 मीटर लंबा पुल भारत का सबसे ऊंचा सड़क केबल आधारित पुल है। करीब 95 किलोमीटर लंबा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भारत का पहला नियंत्रित प्रवेश वाला राजमार्ग है।
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