Satya Sanatan Swabhiman Yatra: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि वह सनातन धर्म के समर्थक हैं, लेकिन हिंदुत्व के नहीं। उन्होंने दावा किया कि हिंदुत्व शब्द विनायक दामोदर सावरकर ने गढ़ा था।
दिग्विजय सिंह ने शाजापुर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मां ने उन्हें सनातन धर्म के बारे में सिखाया था, जो उनके अनुसार प्रेम, स्नेह और करुणा का प्रतीक है। उन्होंने कहा, ''मैं सनातन धर्म का समर्थक हूं, हिंदुत्व का नहीं। हिंदुत्व शब्द सावरकर ने गढ़ा था। हिंदुत्व का समानता से कोई संबंध नहीं है।''
शाजापुर से राजगढ़ के लिए रवाना होगी यात्रा
कांग्रेस नेता ने कुरान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने इसे पढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि 'काफिर' शब्द ऐसे व्यक्ति के लिए इस्तेमाल होता है, जो किसी धर्म का पालन नहीं करता और अधर्म करता है। दिग्विजय सिंह इस सप्ताह उज्जैन से शुरू हुई अपनी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' के तहत शाजापुर पहुंचे थे। यह यात्रा अयोध्या में समाप्त होगी। शाजापुर से यात्रा राजगढ़ जिले के लिए रवाना होगी।
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दिग्विजय सिंह ने कहा कि 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' गैर-राजनीतिक अभियान है। उन्होंने कहा, ''अगर यह राजनीतिक यात्रा होती, तो इसमें केवल कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होते। मैं चाहता हूं कि सभी धर्मों के लोग इस यात्रा में शामिल हों।''
दिग्विजय सिंह ने राजराजेश्वरी माता के दिए दर्शन
इससे पहले, दिग्विजय सिंह ने शाजापुर में जगत जननी मां राजराजेश्वरी के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। दिग्विजय सिंह के कार्यालय ने 'एक्स' पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ''आज शाजापुर में जगत जननी मां राजराजेश्वरी जी के दर्शन एवं विधिवत पूजा-अर्चना कर सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के छठवें दिन का शुभारंभ किया। मां राजराजेश्वरी जी से सभी के सुख, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की तथा सत्य, धर्म और स्वाभिमान की इस पदयात्रा को सफल बनाने का आशीर्वाद प्राप्त किया। मां का आशीर्वाद, सत्य का संकल्प और धर्म के प्रति अटूट आस्था ही हमारी शक्ति है। जय माता दी! जय सियाराम!''
