अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अभिनेत्री उर्मिला सनावर को हरिद्वार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी की शिकायत पर की गई। पुलिस के मुताबिक, रानीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के करीब 12 घंटे के भीतर अभिनेत्री को सहारनपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया।
सोशल मीडिया पर टिप्पणी और पांच करोड़ रुपये मांगने का आरोप
पुलिस के अनुसार, टिहरी विस्थापित कॉलोनी निवासी शिकायतकर्ता ने 24 अक्टूबर की रात रानीपुर कोतवाली में शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां कीं। इससे शिकायतकर्ता और उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि अभिनेत्री ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम करने और पांच करोड़ रुपये देने की मांग की। इसके साथ ही जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
सहारनपुर स्थित आवास से हुई गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 25 अक्टूबर को सहारनपुर में दबिश दी और उर्मिला सनावर को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कथित घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया है। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
न्यायालय में पेश करने की तैयारी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद अभिनेत्री को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
2022 में हुई थी अंकिता की हत्या
19 वर्षीय अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी जिले में स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनका शव ऋषिकेश के पास मिला था। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया था। तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
हाल के दिनों में उर्मिला सनावर की ओर से कथित VIP की भूमिका को लेकर किए गए दावों और सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो-वीडियो क्लिप के बाद मामले की दोबारा चर्चा तेज हुई है। CBI अब उन आरोपों की जांच कर रही है जो दोषियों को सजा मिलने के बावजूद कथित VIP की भूमिका और संभावित साक्ष्य छिपाए जाने से संबंधित हैं। इन दावों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
