Chandra Gochar 2026: 25 अक्टूबर 2026 की शाम 7 बजकर 21 मिनट पर चंद्रमा मकर राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश कर गए हैं। चंद्रमा का यह राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों की मेंटल स्टेट, कामकाज और निजी जीवन पर असर डाल सकता है। ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं, मानसिक शांति और रोजमर्रा के फैसलों का कारक माना जाता है। वहीं, मेष राशि के स्वामी मंगल हैं, जिन्हें साहस, ऊर्जा, पराक्रम और एक्शन का कारक माना जाता है। ऐसे में मेष राशि में चंद्रमा का प्रवेश उत्साह, तेजी और अपने लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकता है। खासकर उन लोगों के लिए यह समय उपयोगी रह सकता है, जो लंबे समय से किसी काम को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, चंद्रमा का मेष राशि में गोचर मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों के लिए अनुकूल रहेगा। इन राशियों के लिए चंद्रमा जन्म राशि से क्रमशः पहले, ग्यारहवें, दसवें, सातवें, छठे और तीसरे भाव में रहेंगे। ये भाव व्यक्तित्व, इनकम, करियर, पार्टनरशिप, प्रतिस्पर्धा और अपने प्रयासों से मिलने वाली सफलता से जुड़े हैं। ऐसे में किसी को नौकरी और बिजनेस में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है, तो किसी के लिए पुराने संपर्कों से लाभ और रुके हुए काम पूरे करने के रास्ते खुल सकते हैं। आइए जानते हैं कि चंद्रमा के मेष राशि में गोचर से इन 6 राशियों को किस क्षेत्र में फायदा मिल सकता है।
मेष राशि वालों के लिए चंद्रमा का गोचर पहले भाव में हो रहा है। यह भाव व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, व्यवहार और व्यक्तिगत फैसलों से जुड़ा है। चंद्रमा का अपनी ही गोचर राशि में प्रवेश आपको अपने कामों पर ध्यान देने और अधूरी योजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दे सकता है। नौकरीपेशा लोगों को किसी जरूरी काम को पूरा करने या अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल सकता है। बिजनेस करने वाले लोग नए आइडिया पर काम करने और कारोबार से जुड़े फैसले लेने के लिए सक्रिय रह सकते हैं। निजी जीवन में भी आप अपनी जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को लेकर ज्यादा स्पष्ट हो सकते हैं। हालांकि, मेष राशि में मंगल की ऊर्जा के कारण जल्दबाजी और गुस्सा बढ़ सकता है। किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले उसके नतीजों पर विचार करें। कुल मिलाकर, व्यक्तिगत प्रयासों और आत्मविश्वास के लिहाज से यह गोचर आपके लिए अनुकूल रह सकता है।
मिथुन राशि वालों के लिए चंद्रमा का मेष राशि में प्रवेश ग्यारहवें भाव में होगा। यह भाव इनकम, उपलब्धियों, सामाजिक संपर्कों और इच्छाओं की पूर्ति से जुड़ा है। ऐसे में नौकरीपेशा लोगों को किसी पुराने प्रोजेक्ट से फायदा मिलने या प्रोफेशनल नेटवर्क के जरिए नई जानकारी हासिल करने का मौका मिल सकता है। बिजनेस करने वाले लोग पुराने क्लाइंट्स से संपर्क करके काम आगे बढ़ा सकते हैं। जो लोग अतिरिक्त कमाई के विकल्प तलाश रहे हैं, उन्हें किसी नए आइडिया पर काम करने की प्रेरणा मिल सकती है। दोस्तों, सहकर्मियों या कारोबारी संपर्कों से भी मदद मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि, किसी प्रस्ताव को केवल आकर्षक देखकर स्वीकार न करें। उसके फायदे और शर्तों की जांच करना जरूरी होगा। आर्थिक योजनाओं और नेटवर्किंग के लिहाज से चंद्रमा का यह गोचर आपके लिए लाभकारी रह सकता है।
कर्क राशि वालों के लिए चंद्रमा का गोचर दसवें भाव में हो रहा है। यह भाव करियर, नौकरी, बिजनेस, जिम्मेदारियों और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा है। इस दौरान नौकरीपेशा लोगों को अपने काम की गति बढ़ाने और पेंडिंग जिम्मेदारियां पूरी करने का अवसर मिल सकता है। किसी प्रोजेक्ट या मीटिंग में अपनी बात रखने का मौका भी मिल सकता है। बिजनेस करने वाले लोग कामकाज की व्यवस्था सुधारने और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान दे सकते हैं। अगर कोई जरूरी काम लंबे समय से अटका हुआ है, तो उसे पूरा करने के लिए नई रणनीति बनाने का समय उपयोगी रह सकता है। हालांकि, काम की जल्दबाजी में गलती करने से बचें और वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत में संयम रखें। करियर और प्रोफेशनल जिम्मेदारियों के लिहाज से यह गोचर आपके लिए अच्छा रह सकता है।
तुला राशि वालों के लिए चंद्रमा का मेष राशि में प्रवेश सातवें भाव में होगा। यह भाव शादी, जीवनसाथी, बिजनेस पार्टनरशिप और पब्लिक डीलिंग से जुड़ा है। ऐसे में निजी रिश्तों में किसी पुराने मतभेद को दूर करने और जरूरी बातचीत को आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है। बिजनेस करने वालों के लिए ग्राहकों से संपर्क बढ़ाने, पुराने प्रस्ताव पर चर्चा करने या किसी समझौते को आगे बढ़ाने की संभावना बन सकती है। नौकरीपेशा लोगों को सहकर्मियों और क्लाइंट्स के साथ बेहतर तालमेल बनाने का फायदा मिल सकता है। जो लोग नए कारोबारी संपर्क बना रहे हैं, उन्हें अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, मंगल की राशि में चंद्रमा होने के कारण बातचीत में गुस्सा या जल्दबाजी रिश्तों में तनाव बढ़ा सकती है। समझौते से जुड़े मामलों में दोनों पक्षों की बात सुनना बेहतर होगा। रिश्तों और पार्टनरशिप के लिहाज से यह गोचर अनुकूल रह सकता है।
वृश्चिक राशि वालों के लिए चंद्रमा का गोचर छठे भाव में होगा। यह भाव नौकरी, प्रतियोगिता, कर्ज, विवाद और रोजमर्रा की चुनौतियों से जुड़ा है। ऐसे में लंबे समय से चल रही किसी समस्या का समाधान निकालने के लिए आप सक्रिय हो सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को पेंडिंग काम पूरे करने और अपनी कार्यशैली सुधारने का अवसर मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अपनी कमियों पर काम करने का मौका मिल सकता है। बिजनेस करने वाले लोग भुगतान, क्लाइंट्स या कर्मचारियों से जुड़ी किसी पुरानी परेशानी को सुलझाने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, काम का दबाव बढ़ने पर चिड़चिड़ापन हो सकता है। किसी विवाद में अनावश्यक बहस करने के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखें। चुनौतियों का सामना करने और कामकाज को व्यवस्थित करने के लिहाज से यह गोचर आपके लिए उपयोगी रह सकता है।
कुंभ राशि वालों के लिए चंद्रमा का मेष राशि में गोचर तीसरे भाव में होगा। यह भाव साहस, कम्युनिकेशन, लेखन, छोटे सफर, भाई-बहनों और अपने प्रयासों से मिलने वाली सफलता का है। इस दौरान नौकरीपेशा लोगों को अपने आइडिया बेहतर तरीके से पेश करने और किसी पुराने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है। मीडिया, मार्केटिंग, सेल्स, लेखन और डिजिटल कंटेंट से जुड़े लोगों के लिए अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स का इस्तेमाल करना फायदेमंद रह सकता है। बिजनेस करने वाले लोग नए क्लाइंट्स से संपर्क कर सकते हैं या पुराने ग्राहकों के साथ बातचीत आगे बढ़ा सकते हैं। किसी जरूरी काम के लिए छोटी यात्रा करने की योजना भी बन सकती है। हालांकि, मंगल की राशि में चंद्रमा होने से उतावलेपन में फैसला लेने से बचना होगा। लगातार प्रयास और सही कम्युनिकेशन के दम पर आप इस गोचर का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं।
यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।