लखनऊ

Lucknow News: UP के सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, इतने फीसदी बढ़ा DA-DR

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्‍ते/महंगाई राहत (DA/DR) में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। इस लिहाज से अब कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और बोनस के रूप में 6908 रुपये मिलेंगे।

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UP के राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ता बोनस

Photo : ANI

लखनऊ: योगी सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए खजाना खोल दिया है। दीपावली से पहले अपने सभी कर्मचारियों के लिए बोनस और महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की है। डीए में बढ़ोतरी पेंशनभोगियों के लिए भी प्रभावी होगी। इससे पहले केंद्र की मोदी सरकार ने भी DA में 4 फीसदी के बढ़ोतरी की घोषणा की थी। अब उसी तर्ज पर राज्य सरकार भी तोहफा देने की मन बना लिया।

12-13 लाख पेंशनभोगियों को भी फायदा

दरअसल, वित्त विभाग की ओर से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का प्रस्ताव सीएम योगी की मंजूरी के लिए सीएम कार्यालय भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिलते ही हरी झंडी मिल गई। प्रदेश के शिक्षकों सहित लगभग 14-16 लाख राज्य सरकार के कर्मचारियों और लगभग 12-13 लाख पेंशनभोगियों को इस बढ़ोतरी का सीधे तौर पर फायदा होने वाला है।

महंगाई भत्ता-बोनस के रूप में मिलेंगे 6908 रुपये

आपको बता दें कि अभी तक प्रदेश सरकार कर्मचार‍ियों को 42 प्रत‍िशत के ह‍िसाब से DA/DR देती थी। लेकिन, 4 फीसदी की बढ़ोतरी से यह बढ़कर 46 प्रत‍िशत हो गया है। अब कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और बोनस के रूप में 6908 रुपये मिलेंगे.

यह DA हाइक पिछली 1 जुलाई से लागू हो जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जुलाई से लेकर स‍ितंबर तक का एर‍ियर भी दिया जाएगा। बता दें कि सरकार साल में दो बार डीए बढ़ाया जाता है। पहला DA हर साल 1 जनवरी से लागू होता है और दूसरा 1 जुलाई से।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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