लखनऊ

जो माफिया पहले सिर तानकर चलते थे, वे आज गले में तख्ती लटका जान की भीख मांग रहे- नए UP का जिक्र कर बोले CM योगी

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Apr 25, 2023, 04:58 PM IST

Yogi Adityanath on Mafia: सीएम योगी ने एक रोज पहले कहा था, ''हमें तय करना होगा कि युवाओं के हाथ में तमंचे हों या युवाओं के हाथ में टैबलेट और स्मार्टफोन हो। हमें तय करना है कि गलियों में अपराधियों की गोलियों की तड़तड़ाहट होनी चाहिए या फिर भजन गंगा का प्रवाह सुनाकर लोगों के जीवन में परिवर्तन।''

Yogi Adityanath on Mafia: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह नया उत्तर प्रदेश है। जो माफिया कभी सिर तानकर घूमा करते थे, वे अपने गले में तख्ती लटका कर जान की भीख मांग रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा- साल 2017 के पहले जो माफिया और पेशेवर अपराधी सिर तानकर चलते थे...नौजवान, महिलाएं और व्यापारी...ये सब किसी प्रकार जान बचाकर फिरते थे, घर से बाहर नहीं निकलते थे। सूर्यास्त से पहले दुकानें बंद हो जाती थीं। बाजारों में वीराना छा जाता था। आपने देखा होगा कि 2017 के बाद कि बाजारों में अब चहल-पहल रहती है।

बकौल आदित्यनाथ, "महिलाएं कभी भी जा सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कोई सुरक्षा का खतरा नहीं है। आज आप देखते होंगे कि आज वही अपराधी गले में तख्ती लटकाकर जान की भीख मांगने के लिए मजबूर हैं। यह नया उत्तर प्रदेश है।"

वैसे, इससे एक रोज पहले यानी सोमवार को सीएम ने विपक्ष की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि अब उपद्रव और माफिया नहीं बल्कि उत्‍सव एवं महोत्‍सव उत्‍तर प्रदेश की पहचान है। सहारनपुर (मां शाकंभरी और बाला सुंदरी की भूमि) से यूपी नगर निकाय चुनाव प्रचार का आगाज करते हुए आदित्‍यनाथ ने जन सभा में ''रंगदारी न फिरौती, अब यूपी नहीं किसी की बपौती'' और ''आज यूपी में न कर्फ्यू न दंगा, आज यूपी में सब ओर चंगा'' जैसे नारे दिए।''

पहले की सरकारों पर आरोप लगाते हुए वह आगे बोले,''साल 2017 से पहले सरकारों को दंगा कराने से फुर्सत नहीं थी लेकिन आज उत्तर प्रदेश में कहीं कर्फ्यू नहीं लगता। अब तो कांवड़ यात्रा निकलती है। पहले नौजवानों पर झूठे मुकदमे होते थे। पहले शोहदों का आतंक रहता था और बेटियां घर से निकलने में डरती थी और आज उत्तर प्रदेश में भयमुक्त माहौल है।'' (पीटीआई-भाषा और एएनआई इनपुट्स के साथ)

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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