लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत पर योगी सरकार को विपक्ष का कड़ा विरोध झेलना पड़ रहा है। सपा के सभी विधायक काले वस्त्र पहने नजर आए। इस पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह बीजेपी सरकार और नई नियमावली का विरोध है। भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र को कमजोर करना चाहती है। जनता ने हमें चुनकर भेजा है। बीजेपी नहीं चाहती कि जनता के सवाल उठाएं, इसीलिए नए नियम ला रहे हैं। हम लोकतंत्र की मर्यादा में रहकर अपने सवाल उठाएंगे।
लोकतंत्र को मजबूत होगा- अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी चाहे जो नियम बना ले उन्हें कोई रोक नहीं सकता। हालांकि, उन्हें लोकतंत्र को मजबूत बनाना चाहिए। विपक्ष जितना मजबूत होगा, लोकतंत्र उतना ही मजबूत होगा। अखिलेश ने कहा सरकार ने ऐसे नियम तैयार किए हैं क्योंकि राज्य सरकार के पास बेरोजगारी, राजस्व और अन्य मुद्दों पर जवाब हैं। सरकार विपक्ष का सामना भी नहीं करना चाहती है।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने बताया शर्मनाक
वहीं, समाजवादी पार्टी के विधायकों के काले रंग के कपड़े पहनकर विधानसभा कार्यवाही में पहुंचने पर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने निशाना साधा है। उनका कहना है कि हमने आशुतोष टंडन और 9 अन्य सदस्यों के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेता काले कपड़े पहनकर विधानसभा आए। यह पहली बार है कि जब सदन में शोक प्रस्ताव पारित किए जा रहे थे तो पार्टी के नेताओं ने काले कपड़े पहनकर विरोध किया। हम इसकी निंदा करते हैं। इसके लिए जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।
वहीं, विधानसभा सत्र पर राज्य मंत्री संजय निषाद का कहना है कि प्रदेश में पिछले सात साल में हुए विकास कार्यों पर चर्चा होगी। हम विपक्ष को करारा जवाब देंगे। समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी पर मंत्री निषाद का कहना है कि जब वह बीजेपी में थे तो श्री रामचरितमानस का पाठ कर रहे थे। जनता इसका जवाब देगी।
