लखनऊ

संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान पत्थरबाजी, बिगड़ी स्थिति, पुलिस पर हमला; DM ने खुद संभाला मोर्चा

Sambhal Jama masjid Survey Violence: यूपी के संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी है। सर्वे टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया है। भीड़ की ओर से जबरदस्त पत्थरबाजी की गई है।

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संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान पथराव

Sambhal Jama masjid Survey Violence: उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी है। रविवार को जब सर्वे टीम सर्वे के लिए पहुंची तो वहां मौजूद भीड़ ने पहले विरोध किया और फिर पत्थरबाजी करने लगे। जिसके बाद भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी भीड़ को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनके प्रयास असफल रहे और भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया।

कई वाहनों को लगाया आग

संभल में हिंसा के लिए उतारू भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े हैं। खुद डीएम मौके पर मौजूद हैं और शांति बहाली की कोशिशों में जुटे हैं। हालांकि डीएम की अपील के बाद भी भीड़ नहीं समझी और बाद में पुलिस पर भी हमला कर दिया। उपद्रवियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। अभी भी रूक-रूक कर पत्थरबाजी जारी है।

क्या बोली बीजेपी

संभल में भड़की हिंसा पर भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा- "जो लोग कानून को हाथ में लेने का प्रयास कर रहे हैं, उन पर कठोरता से कार्रवाई होगी। यह मुगलिया सल्तनत का दौर नहीं है। कोर्ट के आदेश से आपत्ति है तो ऊपरी अदालत में अपील करें। कुछ लोगों का संविधान में विश्वास नहीं। न्यायपालिका का आदेश सुनिश्चित होगा। सभी लोग शांति व्यवस्था बनाए रखें।"

पुलिस ने क्या कहा

इस घटना को लेकर संभल के एसपी कृष्ण कुमार ने कहा कि संभल में एक जामा मस्जिद है। अदालत के आदेश के अनुसार जामा मस्जिद में एक सर्वेक्षण किया जा रहा था और मस्जिद के अंदर सर्वेक्षण शांतिपूर्वक चल रहा था। हालांकि भीड़ में से कुछ लोग अचानक निकले और पुलिस पर करीब 10 से 15 सेकंड तक पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज और हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर कर दिया। धारा 163 लगा दी गई है, जो कोई भी कानून अपने हाथ में लेगा उसे सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।"

कोर्ट से मिला है सर्वे का आदेश

दरअसल संभल की शाही जामा मस्जिद को लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल कर सर्वे की मांग गई थी। शिकायत में दावा किया गया कि आज जहां मस्जिद है, वहां पहले एक मंदिर था। मुगल सम्राट बाबर ने 1529 में इसे आंशिक रूप से ध्वस्त कर दिया था। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सर्वे का आदेश दिया है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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