लखनऊ

Ramadan 2023 Sehri and Iftar Time Table in Lucknow: लखनऊ में सहरी और इफ्तार का क्या रहेगा समय, यहां देखें पूरा टाइम टेबल

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 23, 2023, 08:23 PM IST

Sehri and Iftar Time Table in Lucknow, Ramadan 2023 Iftar & Sehri Timings in Lucknow: चांद के आज दीदार होने के आसार हैं, ऐसे में रमजान का पाक महीना कल से शुरू हो जाएगा। यहां जानते हैं लखनऊ में पूरे 30 दिन का सहरी और इफ्तार का टाइम टेबल।

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लखनऊ में सहरी और इफ्तार का पूरा टाइम टेबल

Photo : IANS

Sehri and Iftar Time Table in Lucknow, Ramadan 2023 Iftar & Sehri Timings in Lucknow: मुस्लिमों के पवित्र महीने रमजान का आगाज होने वाला है। चांद के दीदार के साथ ही मुस्लिम भाई-बहन रोजा रखना भी शुरू कर देंगे। इस्लाम की सीखों के मुताबिक, यह पूरा महीना खुदा की इबादत का है। इबादत से राजी होकर खुदा रहमतों की बारिश करता है। कहा जाता है कि इस महीने में जरूरतमंदों की ज्यादा से ज्यादा मदद करनी चाहिए और अपने मन पर संयम रखना चाहिए।

हालांकि, इस बार रमाजन की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति है। दरअसल, चांद का दीदार होने के साथ ही पाक महीने की शुरुआत हो जाती है और अगले दिन रोजा रखा जाता है। चूंकि, आज चांद के दीदार होने के आसार हैं, ऐसे में कल से रमजान की शुरुआत हो सकती है। तो आइए जानते हैं इस बार रमजान कबसे शुरू हो रहे हैं? लखनऊ में सहरी और इफ्तार का समय क्या है?

तारीख सहरी (AM)इफ्तार (PM)
24 मार्च 202304:4818:21
25 मार्च 202304:4718:22
26 मार्च 2023 04:4518:22
27 मार्च 202304:4418:23
28 मार्च 202304:4318:23
29 मार्च 2023 04:4218:24
30 मार्च 202304:4118:24
31 मार्च 202304:4018:25
01 अप्रैल 202304:3818:25
02 अप्रैल 202304:3718:26
03 अप्रैल 202304:3618:26
04 अप्रैल 202304:3518:27
05 अप्रैल 202304:3418:27
06 अप्रैल 202304:3218:28
07 अप्रैल 202304:3118:28
08 अप्रैल 202304:30 18:29
09 अप्रैल 202304:2918:29
10 अप्रैल 202304:2818:30
11 अप्रैल 202304:2618:30
12 अप्रैल 202304:25 18:31
13 अप्रैल 202304:2418:31
14 अप्रैल 202304:2318:32
15 अप्रैल 2023 04:2218:32
16 अप्रैल 202304:2118:33
17 अप्रैल 202304:1918:33
18 अप्रैल 202304:1818:34
19 अप्रैल 202304:17AM18:34PM
20 अप्रैल 202304:16AM18:35PM
21 अप्रैल 2023 04:15AM18:35PM

नेकियों का महीना

रमजान को इस्लाम में पाक महीना माना जाता है। इस महीने में रोजा रखने वाले लोगों को काफी नियम व संयम बरतने पड़ते हैं। रमजान के महीने में मुस्लिम समुदाय के भाई-बहन जरूरतमंदों की मदद करते हैं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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