योगी सरकार के आठ वर्ष पूरे होने पर उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी उत्सव मना रही है। जिसकी शुरुआत सोमवार यानी आज से हो गई। 14 अप्रैल तक मनाए जाने वाले इस उत्सव के तहत भाजपा प्रदेश में कई कार्यक्रमों के जरिए सरकार की आठ वर्ष की उपलब्धियां जनता के साथ साझा करेगी। इस कड़ी की शुरुआत आज सीएम योगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दौरान सरकार की आठ वर्षों की उपलब्धियों पर जारी की गई एक पुस्तिका का विमोचन भी किया। अपनी बातचीत में किसानों से जुड़ी योजनाओं और सरकार की तरफ से किसानों के हित में किए गए कार्यों के बारे में भी बताया।
सीएम योगी ने कहा कि साल 2017 से पहले किसान आत्महत्या करता था। जिस प्रदेश में तकनीक की मदद से किसानों को समृद्ध बनाया जाना चाहिए था, वहां उनके लिए कुछ नहीं किया गया। 2017 से पहले कृषि क्षेत्र में वीरानी छायी थी, 17 के बाद डबल इंजन की सरकार ने कायाकल्प किया आज प्रदेश की जीडीपी में कृषि क्षेत्र के योगदान में 28 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है।
चीनी मिलें बंद नहीं होने दीं
चीनी मिलों और गन्ना किसानों के मुद्दे पर सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सीएम ने कहा कि 2017 से पहले चीनी मिलें बंदी के कगार पर थीं,आंदोलन होते थे,गन्ना किसानों का हजारों करोड़ रुपये बकाया था, किसान अपने खेतों में आग लगाते थे। हमने इसमें बदलाव किया। हमने एक भी चीनी मिल बंद नहीं की। हमने 3 नई चीनी मिलें स्थापित कीं, 6 चीनी मिलों को पुनः संचालित किया, 38 मिलों का विस्तार किया। प्रदेश में अभी 122 चीनी मिलें चालू हैं।
गन्ना किसानों का समय पर भुगतान किया
गन्ना किसानों के भुगतान पर सीएम ने कहा कि 2017 से अबतक 2 लाख 80 हजार करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है। पिछली सरकारों के 22 वर्ष के कुल भुगतान से 60 हजार करोड़ से ज्यादा भुगतान हमने 8 वर्ष में किया है। उन्होंने ये बात भी कही कि पहले 42 लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन होता था, आज प्रदेश में 177 लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन हो रहा है।
सिंचाई की व्यवस्था की
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमने 14 लाख निजी नलकूपों को बिजली की निःशुल्क व्यवस्था देकर किसानों को समृद्ध बनाया। सिंचाई की योजनाएं वर्षों से लंबित पड़ी थीं। इन 8 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सभी योजनाओं को पूरा किया। इन वर्षों में 23 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा किसानों को मिली है।
उन्होंने जानकारी दी कि फलों और सब्जियों के उत्पादन में यूपी नंबर 1 पर आ गया है। सरकार ने 2023-24 में गेहूं की खरीद पर पहले के मुकाबले लगभग ढाई गुना ज्यादा खर्च किया। किसानों को 43 हजार 424 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। धान के क्रय में पहले की सरकारों की अपेक्षा 2017-2024 के बीच पांच गुना अधिक मूल्य (88 हजार करोड़ 746 करोड़) डीबीटी के जरिए किसानों के खाते में भेजी गई।
कृषि विकास दर 13 फीसद पहुंची
हमने प्रदेश में 20 नए कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित किए। कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की। इसका नतीजा हुआ कि उत्तर प्रदेश इस सेक्टर में एक अलग गति से आगे बढ़ा। दलहन और तिलहन फसलों के साथ अन्य फसलों का उत्पादन भी बढ़ा। पहले कृषि विकास दर 5 फीसद थी जो बढ़कर 13 फीसद हो गई। किसान सम्मान निधि और बाकी योजनाओं के जरिए डीबीटी के माध्यम से किसानों को लाभ मिल रहा है।
गोवंशों से जुड़े मामले पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में निराश्रित गोवंश के लिए 7700 से अधिक गो आश्रय स्थल में 12 लाख 50 हजार से अधिक गोवंश का संरक्षण सरकार स्वयं कर रही है। साथ ही सहभागिता योजना के जरिए 1 लाख 5 हजार पशुपालकों को 1 लाख 63 हजार गोवंश दिए गए हैं। जिसके लिए सरकार 1500 रुपये प्रति गोवंश, प्रति माह का भुगतान कर रही है।
