Neha Singh Rathore Sedition Case: लोकगायिका नेहा राठौर की याचिका पर आज लखनऊ हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। जिसे चुनौती देते हुए नेहा राठौर ने 7 मई को याचिका दाखिल की थी। जिस पर आज इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई होगी और कोर्ट फैसला करेगी कि नेहा पर एफआईआर होगी या नहीं।
नेहा ने पहलगाम हमले पर की थी पोस्ट
नेहा राठौर ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट शेयर की थी और सरकार से कई गंभीर सवाल किए थे। जिसके बाद अभय प्रताप सिंह नाम के एक कवि ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप लगाया गया कि नेहा ने अपनी पोस्ट में ऐसी टिप्पणियां की, जो दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने और देश की अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाली थीं। पुलिस ने उनके खिलाफ देशद्रोह समेत कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की।
नेहा के खिलाफ देशद्रोह और कई गंभीर धाराओं में FIR
शिकायतकर्ता का कहना है कि पाकिस्तानी मीडिया ने नेहा की सोशल मीडिया पोस्ट को भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा के लिए इस्तेमाल किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद नेहा ने 7 मई को लखनऊ में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और उनके खिलाफ दर्ज देशद्रोह की एफआईआर को रद्द करने की मांग की। इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने FIR का आधार बनी सोशल मीडिया पोस्ट पर विशेष ध्यान दिया।
FIR के बाद नेहा ने सरकार पर तीखा हमला बोला
FIR दर्ज होने के बाद नेहा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर सरकार से तीखा सवाल किया। उन्होंने सवाल उठाया कि पपहलगाम हमले के जवाब में सरकार ने अब तक क्या किया है और कहा, "हिम्मत है तो जाकर आतंकवादियों के सिर वापस लाओ।" यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर बहस खड़ा कर रहा है। इस केस में अगली सुनवाई 12 मई को होनी है।
