लखनऊ

20 घंटे की बिजली कटौती : ये राजधानी है या कोई दूर-दराज का गांव, पार्षद को भी उतरना पड़ा सड़क पर

इन दिनों भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं। ऐसे में बिजली चली जाए तो लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। लेकिन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 20 घंटे तक बिजली न आने से लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और वह सड़कों पर उतर आए।

Image

लखनऊ में भारी बिजली कटौती

Photo : Twitter

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से प्रचंड गर्मी (Extreme Heat) का प्रकोप देखने को मिल रहा है। ऐसा लगता है, जैसे सूरज से आग बरस रही हो और सूर्य देव जला देने को आतुर हों। लू के थपेड़े दिन-दोपहर तो दूर सुबह और शाम को भी बाहर निकलने नहीं दे रहे। ऐसे में लोगों को एक ही उम्मीद होती है कि घर में एसी-कूलर-पंखा चलाकर गर्मी का मुकाबला करें। लेकिन बिजली कटौती ने लोगों को इस भीषण गर्मी में परेशान तो किया ही, उन्हें सड़क पर उतरने के लिए भी मजबूर कर दिया है। बात उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की है, जहां 20 घंटे बिजली नहीं रहने से लोगों के गुस्से का पारा, गर्मी से भी ज्यादा चढ़ गया।

FCI बिजली घर के इंजीनियरों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली से लोगों का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोषित बिजली उपभोक्ताओं ने शनिवार देर रात मोहान रोड जाम कर दिया। देर रात जब पुलिस के साथ इंजीनियर लोगों को समझाने के लिए आए तो बिजली उपभोक्ताओं ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान गर्मी और बिजली कटने से परेशान लोगों का एक ही प्रश्न था, वह यह कि बिजली 20 घंटे से कटी है, आखिर कब आएगी?

इंजीनियरों ने फोन बंद किए

लोगों ने बिजली विभाग के इंजीनियरों पर फोन बंद रखने का भी आरोप लगाया। उनका कहा है कि लगातार बिजली कटौती से परेशान होकर जब उन्होंने इंजीनियरों को फोन किया तो उनके फोन बंद क्यों थे? बिजली विभाग के इंजीनियरों के पास परेशान लोगों के इन प्रश्नों का कोई उत्तर नहीं था। परेशान लोगों ने बताया कि जेई से लेकर सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर तक को पता था कि क्षेत्र में बिजली संकट है। इसके बावजूद उन्होंने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। लोगों ने तो यहां तक कहा कि अभी मतदान नहीं हुआ, 20 मई को मतदान के बाद तो इंजीनियरों का रवैया ही क्या होगा? बिजली उपभोक्ताओं ने बिजली की इस समस्या को लेकर स्थानीय पार्षद को भी खूब खरी-खोटी सुनाई।

पार्षद भी धरने पर बैठ

बता दें कि शनिवार रात करीब 12 बजे क्षेत्र में बिजली कटौती हुई, तो सुबह भी लाइट नहीं आई। इसके बाद हैदरगंज-II वार्ड के पार्षद धर्मेंद्र सिंह भी परेशान बिजली उपभोक्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए। इस प्रदर्शन के बाद लोगों को आश्वासन दिया गया, इसके चलते तीन घंटे से चला आ रहा धरना प्रदर्शन खत्म हुआ। जब बिजली रविवार रात 8 बजे तक भी नहीं आई तो परेशान लोगों ने मोहान रोड को जाम कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने के लिए गए इंस्पेक्टर से भी लोग धरने पर सड़क पर बैठने के लिए आग्रह करने लगे। देर रात तक भी इलेक्ट्रिसिटी इंजीनियर क्षेत्र में पावर कट की समस्या का हल निकालने की कोशिश में जुटे रहे।

यहां भी बिजली कटौती से परेशान लोग

ऐसा नहीं है कि यह हालात राजधानी के सिर्फ एक इलाके के हों। बल्कि गोमती नगर विस्तार से खरगापुर, रेजीडेंसी से रानीगंज, सेस प्रथम से उतरेठिया, निलमथा, एकता नगर, न्यू कैंपस बिजली घर से पोषित महर्षि नगर सहित शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में बिजली संकट से लोग हलकान रहे।

बुद्धेश्वर, वादरखेड़ा, आदर्श विहार, मॉडल सिटी, नाजिम नगर, पाल कॉलोनी, पिंक सिटी, मायापुरम... जहां काकोरी एफसीआई सब-डिवीजन से बिजली आती है, वहां भी 20 घंटे तक बिजली की कटौती से लोग परेशान रहे। क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लो वोल्टेज की समस्या थी, लेकिन शनिवार देर रात वादरखेड़ा मोड पर 630 केवीए का ट्रांसफार्मर खराब हो गया। इसकी वजह से बुद्धेश्वर विहार कॉलोनी में बिजली की समस्या देखने को मिली। आदर्श विहार में 100 केवीए का ट्रांसफार्मर खराब हो गया। क्षेत्र में बिजलनी गुल होने पर एसडीओ और जेई से शिकायत की गई, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

Digpal Singh
Digpal Singh author

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी... और देखें

End of Article