Lucknow News: लखनऊ से हाल ही एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक एक युवक ने अपनी पहली शादी की बात को छिपाते हुए एक महिला के साथ निकाह किया और कुछ दिन साथ रहने के बाद मौका देखते ही दहेज की रकम लेकर फरार हो गया। हालांकि, कुछ दिन बाद आरोपि पति ने तलाकनामा के साथ मेहर और इद्दत की रकम बैंक ड्राफ्ट से कोरियर कर दिया, जिसके बाद महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित पति के साथ ही तलाकनामा बनाने वाले 3 मौलवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
महिला का आरोप है कि नक्खास निवासी नईमा परवीन रिजवी ने नई दिल्ली के गौतमपुरी कालोनी निवासी पति सैय्यद हसन अकबर जैदी, मौलाना मो. हैदर, इम्तियाज हुसैन हैदरी और सखावत अली ने फर्जी तरीके से तलाकनामा तैयार कराया है।
पति ज्वेलरी और नगदी लेकर फरार
पीड़िता का कहना है कि जुलाई 2023 को पति दहेज में मिली ज्वेलरी नकदी लेकर फरार हो गया और मोबाइल भी बंद कर लिया। दिसंबर 2023 को पति ने उसके पते पर एक कोरियर से तलाकनामा और दो बैंक ड्राफ्ट भेजे, जिसको मेहर और इदत के लिए भेजा गया था। पीड़िता ने बताया कि तलाकनामे में मौलाना मो. हैदर, इम्तियाज हुसैन हैदरी और सखावत अली का नाम दर्ज है। आरोप है कि पति ने तीनों मौलानाओं की मदद से फर्जी तलाकनामा बनाया है।
15 जून 2023 में हुआ था निकाह
महिला ने बताया कि बताया कि 15 जून 2023 में रिश्तेदर फरीदा के माध्यम से सैय्यद हसन अकबर जैदी से उसका निकाह शाहनजफ इमामाबाड़ा हजरतगंज में हुआ था। निकाह के बाद जब वह चिनहट के सिल्वर अपार्टमेंट में रहने पहुंची तो पता चला कि अकबर जैदी पहले से ही शादीशुदा था। यह उसकी तीसरी शादी थी। उसको दो पत्नियां पहले से हैं। यही नहीं कुछ दिन बाद दहेज की मांगकर पति उसे प्रताड़ित भी करने लगा था।
कोरियर से भेजा तलाकनामा
सैय्यद हसन अकबर ने 13 दिसंबर ने उसे कोरियर भेजा, जिसमें तीन तलाक का एक लिखित तलाकनामा था। इसके साथ ही दो बैंक के ड्राफ्ट भी थे, जिसमें 14786 रुपये और दूसरे में 12250 रुपये के ड्राफ्ट थे। पीड़िता कहा कहना है कि वह जैसे-तैसे घर-घर जाकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपना गुजारा कर रही है। इस सभी हालातों से उसकी मानसिक हालत बिगड़ रही है।
