Lucknow Elevated Road Project: उत्तर प्रदेश की राजाधानी लखनऊ में अर्जुनगंज के लोगों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। अर्जुनगंज में एलिवेटेड रोड बनाने के प्रस्ताव को फिलहाल रद्द कर दिया गया है। दरअसल, अर्जुनगंज में ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए एलिवेटेड रोड बनाया जाना था, लेकिन हाल ही में हुई एक बैठक में इस प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया। सेतु निगम और पीडब्ल्यूडी के अफरों के बीच कुछ समय पूर्व एक बैठक हुई थी जिसमें अर्जुनगंज में चल रहे और लंबित विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी मांगी। इसके बाद बैठक के अंत में एलिवेटेड रोड के स्थान पर पुराने मार्ग को फोरलेन करने के विकल्प पर विचार करने के आदेश दिए गए।
टूट सकते हैं कई मकान
अर्जुनगंज के लोगों के सामने शासन स्तर का ये फैसला काफी चिंताजनक है। जहां पहली बार में एलिवेटेड रोड के प्रस्ताव को कैंसिल कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर ये भी कहा जा रहा है, अर्जुनगंज में कब्जे हटाने के लिए जल्द ही कई अवैध मकानों को तोड़ा जा सकता है। क्योंकि, अर्जुनगंज में अलग-अलग भाग की सड़क 20-26 मीटर चौड़ी हैं। 15 मीटर की सड़क छोड़ कर अर्जुनगंज में कई सारे लोगों ने निर्माण किया है। अब पहले अभिलेखों से मिलान होगा। हमारी सहयोगी वेबसाइट नवभारत टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि, 110 मकान और दुकानें इसकी जद में आ सकते हैं।
इनकी भी सुनें
- पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन मनीष वर्मा ने बताया है कि, मार्ग चौड़ा करने के लिए नोटिस जारी कर अवैध मकानों को खाली करने का नोटिस जारी हो चुका है। अब लोगों को रिमांइडर भेजा जाएगा।
- केके श्रीवास्तव, सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक लखनऊ का कहना है कि, एलिवेटेड रोड की जगह शासन ने सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव मांगा है। उम्मीद है कि, जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा।
सेना की जमीन पर भी नजर
गौरतलब है कि, मार्ग चौड़ीकरण के दौरान सेना के हिस्से में तकरीबन 2.37 एकड़ जमीन आ रही थी। जिसके संबंध में पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने सैन्य दल के अधिकारियों के साथ बैठक कर लिया है। बता दें कि अपनी जमीन सरकार को देने के लिए लोगों को सेना ने हामी भर दी है, जिसके लिए पीडब्ल्यूडी को सात करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।
