Krishna Janmashtami: मथुरा-वृंदावन से लेकर देशभर में धूमधाम से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। मथुरा समेत अन्य मंदिरों में दुनिया भर से लाखों भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। जिधर भी नजर जा रही थी, वहीं लोगों के समूह जन्मस्थान और अन्य मंदिरों की ओर बढ़ते नजर आ रहे थे।अधिकारियों ने बताया कि मथुरा के सभी मंदिरों में जन्माष्टमी का पर्व बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है, किंतु इस दिन मुख्य आयोजन श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में स्थित भागवत भवन का राधा कृष्ण मंदिर होता है।
अयोध्या में भी मनाजा रहा उत्सव
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर गर्भगृह में जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा है। इस मौके पर रामलला का विशेष शृंगार भी किया गया है। मंदिर ट्रस्ट ने यह जानकारी दी कि रामलला के गर्भगृह के सामने शनिवार-रविवार की मध्य रात्रि श्रीकृष्ण का जन्म होगा और इस उत्सव को भव्य स्वरूप मिलेगा। वहीं मथुरा में भी जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां हो चुकी हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच श्रीकृष्ण जन्मस्थान और सभी प्रमुख मंदिरों में जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जा रहा है और भारी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।
अयोध्या में होगा सोहर
मंदिर को फूलों और रोशनी से सजाया गया है तथा रामलला का विशेष श्रृंगार कर उन्हें पीले वस्त्र पहनाए गए हैं। राम मंदिर के एक पदाधिकारी ने समाचार एजेंसी ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आधी रात को कान्हा के जन्म की बधाई गीत और सोहर गाए जाएंगे और प्रसाद बांटा जाएगा। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी पर, जब ब्रज क्षेत्र समेत पूरा देश भगवान कृष्ण के जन्म की खुशी में डूबा होगा, राम जन्मभूमि परिसर में भी उत्सव अपने पूरे भव्य रूप में होगा और हर्षोल्लास का माहौल बनेगा तथा बधाइयां गूंजेंगी और भजन गाए जाएंगे। देवकीनंदन के धरती पर अवतरण का आनंद हर जगह दिखाई देगा।
रामलला का खास शृंगार
सुबह जागरण और स्नान-अनुष्ठान के बाद, रामलला का विशेष श्रृंगार, पूजन और पीले वस्त्र पहनाकर उनके सिर पर स्वर्ण मुकुट धारण कराया गया है। ट्रस्ट ने बताया कि हालांकि यह उत्सव रामनवमी की तरह बड़े पैमाने पर नहीं मनाया जाएगा लेकिन कान्हा के जन्म की खुशी एक संक्षिप्त कार्यक्रम के माध्यम से स्पष्ट होगी। अयोध्या के अन्य मंदिर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने के लिए तैयार हैं। रामलला के एक पुजारी के अनुसार, भगवान राम और कृष्ण को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है, इसलिए भगवान कृष्ण के जन्म दिन पर रामलला का विशेष शृंगार करने की परंपरा रही है। मंदिर निर्माण से पहले से ही यह परंपरा चली आ रही है। पुजारी का कहना था कि इस अवसर पर रामलला को पीले वस्त्र पहनाए जाएंगे और पारंपरिक आभूषण एवं स्वर्ण मुकुट पहनाया जाएगा। इसके बाद भव्य शृंगार और आरती की जाएगी। छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। मध्यरात्रि में, जब कृष्ण जन्म होगा, गर्भगृह के सामने बधाई गीत गाए जाएंगे और गायन के साथ ढोल-मंजीरों की मधुर ध्वनि भी होगी।
मथुरा में जोरों पर तैयारियां
कटरा केशवदेव स्थित श्री कृष्ण जन्मस्थान परिसर में भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा, जहां भागवत भवन में भगवान की दिव्य प्राकट्य लीला सम्पन्न होगी। पुलिस ने लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। यातायात प्रबंधन के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। श्री कृष्ण जन्मभूमि न्यास के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि भगवान कृष्ण को चांदी से सुसज्जित गर्भगृह में विराजमान किया जाएगा, जिसे ‘सिंदूर’ पुष्प महल की तरह सजाया गया है। उन्होंने बताया कि ठाकुरजी की चल विग्रह को ‘रजत-सूप’ में विराजमान कर अभिषेक स्थल तक ले जाया जाएगा। परंपरा के अनुसार, भगवान का प्राकट्य भी ‘रजत-कमल’ पुष्प में होगा और पहला स्नान सोने की परत चढ़ी चांदी की कामधेनु गाय की मूर्ति के जरिए किया जाएगा। इस अवसर पर भक्तजन ठाकुरजी के जन्माभिषेक दर्शन के लिए मंदिर परिसर में सुबह साढ़े पांच बजे से रात्रि डेढ़ बजे तक प्रवेश पा सकेंगे। जन्माष्टमी के अवसर पर जन्मस्थान परिसर में श्री केशवदेव, श्रीयोगमाया, गर्भगृह, श्री राधाकृष्ण युगल सरकार मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इस वर्ष का ‘सिंदूर बंगला’ विषय भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से प्रेरित है, जिसे उन्होंने आध्यात्मिक संकल्प, राष्ट्रहित, सैन्य वीरता और रणनीतिक कौशल का एक पवित्र संगम बताया।
सुरक्षा के हैं पुख्ता इंतजाम
राम मंदिर न्यास के सदस्य अनिल कुमार मिश्रा ने जाननकारी दी कि कृष्ण जन्माष्टमी परंपरा के अनुसार शुभ मुहूर्त पर मनाई जाएगी और इसकी तैयारियां पूरी हो गई हैं। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। अयोध्या में राम मंदिर परिसर और उसके आसपास निगरानी की जा रही है एवं सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एसपी (सुरक्षा) बलरामचारी दुबे ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने ‘मेटल डिटेक्टर’ और खोजी कुत्तों की मदद से संदिग्ध वस्तुओं की तलाशी ली। सीसीटीवी कैमरों और नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि हर तरफ़ सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
मथुरा में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार रविवार सुबह ठाकुरजी के जन्माभिषेक के पश्चात मंगला आरती के दौरान केवल 500 भक्तों को ही मंदिर प्रांगण में मौजूद रहने की अनुमति होगी ताकि किसी भी प्रकार के दबाव अथवा भगदड़ की स्थिति न बने।
वाराणसी में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम
वाराणसी के मंदिरों में श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर भजन-कीर्तन और दर्शन-पूजन का कार्यक्रम शनिवार सुबह से ही चल रहा है। सभी मंदिरों को फूलों और रोशनियों से सजाया गया है। उप जिलाधिकारी (एसडीएम) शंभू शरण ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी काशी विश्वनाथ मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष से कुछ नवाचार शुरू किया गया था, जिसके अंतर्गत इस साल भी श्री कृष्ण जन्म भूमि मथुरा के लिए वस्त्र, उपहार आदि यहां से भेजा गया है।
(इनपुट-भाषा)
