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लखनऊ में ED का बड़ा एक्शन, 110 करोड़ की संपत्तियां जब्त; जानें लपेटे कौन सी कंपनियां

ईडी के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियां रोहतास समूह की सहयोगी कंपनियों और लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप्स- एम/एस अमल्या कंस्ट्रक्शन्स एलएलपी और एम/एस अमायरा इन्फ्रास्ट्रक्चर एलएलपी के नाम पर दर्ज हैं। ये दोनों कंपनियां एलजेके ग्रुप द्वारा नियंत्रित की जाती हैं और सभी संपत्तियां लखनऊ में स्थित हैं।

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ED (फोटो-Istock)

Photo : BCCL

लखनऊ : मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में लखनऊ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रोहतास प्रोजेक्ट लिमिटेड और अन्य कंपनियों पर शिकंजा कसते हुए 110.05 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। इन संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य 300 करोड़ रुपए से अधिक बताया जा रहा है। यह कार्रवाई मंगलवार को ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई।

ईडी के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियां रोहतास समूह की सहयोगी कंपनियों और लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप्स- एम/एस अमल्या कंस्ट्रक्शन्स एलएलपी और एम/एस अमायरा इन्फ्रास्ट्रक्चर एलएलपी के नाम पर दर्ज हैं। ये दोनों कंपनियां एलजेके ग्रुप द्वारा नियंत्रित की जाती हैं और सभी संपत्तियां लखनऊ में स्थित हैं।

दो टाउनशिप योजनाएं शुरू करने वालों कार्रवाई

न्यूज एजेंसी आईएनएस के हवाले से ईडी ने जांच की शुरुआत उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई 83 प्राथमिकी के आधार पर की थी। ये एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज थीं। पुलिस जांच में सामने आया कि मेसर्स रोहतास प्रोजेक्ट लिमिटेड ने सुल्तानपुर रोड प्रोजेक्ट और रायबरेली रोड प्रोजेक्ट नाम से दो टाउनशिप योजनाएं शुरू की थीं।

इन योजनाओं में ग्राहकों को विभिन्न आकार के प्लॉट या भूमि बुक करने का विकल्प दिया गया था। कंपनी ने वादा किया था कि बुकिंग की तारीख से 30 महीने बाद ग्राहक या तो अपना प्लॉट ले सकते हैं या बुकिंग राशि का 150 फीसदी एकमुश्त भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, जांच में यह पाया गया कि न तो प्रोजेक्ट विकसित किए गए और न ही निवेशकों को उनकी राशि लौटाई गई।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि रोहतास ग्रुप के प्रमोटर्स ने खरीदारों से वसूली गई रकम को अपनी सहयोगी कंपनियों और बेनामी व्यक्तियों के नाम पर जमीनें खरीदने में लगा दिया। इन सहयोगी कंपनियों के शेयर बाद में एलजेके ग्रुप को ट्रांसफर कर दिए गए। इसके अलावा, रोहतास ग्रुप की बेनामी जमीनें भी बाद में अमल्या कंस्ट्रक्शन एलएलपी और अमायरा इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी को स्थापित कर दिया गया, जो एलजेके ग्रुप के नियंत्रण में है। ईडी की ओर से प्रेस नोट में कहा गया है कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस मामले में आगे की जांच जारी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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