लखनऊ

कांस्टेबल की बेटी कैसे बन गई मोस्ट वांडेट क्रिमिनल...शाइस्ता की जिंदगी ने ऐसे ली करवट

  • Written by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 20, 2023, 11:44 AM IST

आज शाइस्ता यूपी पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में टॉप पर है और उसकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने के लिए 50,000 रुपये इनाम रखा गया है।

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शाइस्ता परवीन की कहानी

Photo : PTI

Shaista Parveen: अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन का अब तक अता-पता नहीं है। पुलिस जोरों से उसकी तलाश में जुटी हुई है। पति की मौत के बाद उसके सरेंडर करने की बात सामने आई थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। न वह बेटे असद की मौत पर पहुंची और न ही पति अतीक के जनाजे में शामिल हुई। आज शाइस्ता यूपी पुलिस की मोस्ट वांडेट महिला अपराधी बन चुकी है। उस पर 50 हजार का ईनाम घोषित है। आइए जानते हैं कांस्टेबल की बेटी शाइस्ता की अब तक की पूरी कहानी।

यूपी पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में टॉप पर

शाइस्ता शब्द पश्तो भाषा से बना है और इसका अर्थ है सुंदरता। इसे किस्मत कहें या जिंदगी का इम्तेहान, अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन का जीवन आज उथल-पुथल से गुजर रहा है। आज वह यूपी पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में टॉप पर है और उसकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने के लिए 50,000 रुपये इनाम रखा गया है। ये रातोंरात नहीं हुआ। जब भी अतीक और अशरफ जेल जाते थे, शाइस्ता अपने पति के मामलों को संभालती थी। प्रयागराज के एक कॉलेज से बारहवीं पास करने के बाद शाइस्ता ने शुरुआत में खुद को घर के कामों तक ही सीमित रखा था।

1996 में हुई अतीक से शादी

1996 में जब उसने अतीक से शादी की तब तक अतीक ने खुद को गैंग लीडर के रूप में स्थापित कर लिया था। इस दंपति के पांच बेटे थे, जिनमें से एक असद का एनकाउंटर हो चुका है। अतीक की हत्या के दो दिन पहले ही वह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। बाकी चार बेटों में अली, उमर अहमद और दो नाबालिग हैं। रिटायर्ड पुलिस कांस्टेबल मोहम्मद हारून की बेटी शाइस्ता और उसका परिवार प्रयागराज के दामूपुर गांव में रहता था। शाइस्ता अपने पिता के साथ सरकारी पुलिस क्वार्टर में रहती थी। अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी शाइस्ता की चार बहनें और दो भाई हैं। उसका एक भाई मदरसे का प्रिंसिपल है। प्रयागराज के एक सेवानिवृत्त शिक्षक ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि शाइस्ता बहुत विनम्र है और हमेशा अभिभावक-शिक्षक बैठकों में हिस्सा लेती थी।

उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी

शाइस्ता का नाम भी उमेश पाल हत्याकांड में आया और उसे आरोपी बनाया गया। 24 फरवरी 2023 को वकील उमेश पाल की हत्या में शाइस्ता का नाम कैसे सामने आया इसकी भी एक कहानी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह गुजरात की साबरमती जेल में अपने पति अतीक से मिलने गई थी, जहां दोनों ने उमेश पाल की हत्या पर चर्चा की। इसके लिए अतीक ने उसे जेल के अंदर एक फोन और एक सिम कार्ड भेजने के लिए कहा था। अतीक ने उसे एक पुलिस वाले का नाम भी बताया था जो जेल में फोन पहुंचाएगा। पुलिस सूत्रों ने कहा कि कुछ दिनों बाद फोन भेजा गया और अतीक इसका इस्तेमाल शूटरों से बात करने और अपराध की साजिश रचने के लिए करता था।

हत्या-धमकाने का मामला है दर्ज

जीशान नाम के एक प्रॉपर्टी डीलर ने आरोप लगाया है कि शाइस्ता ने उसे कई बार फोन पर धमकी दी थी कि अतीक द्वारा मांगी गई रंगदारी नहीं दी तो गंभीर परिणाम होंगे। उमेश पाल की हत्या के बाद से वह पुलिस से बच रही थी। यूपी पुलिस के एक दस्तावेज के अनुसार, उसके खिलाफ 2009 से प्रयागराज में चार मामले दर्ज हैं, एक हत्या का और तीन धोखाधड़ी के। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि तीनों मामले जिले के विशेष सीजेएम की अदालत में विचाराधीन हैं। शाइस्ता सितंबर 2021 में AIMIM में शामिल हुई। जनवरी 2023 में वह मेयर चुनाव के लिए पार्टी से टिकट पाने के लिए बसपा में शामिल हुईं। लेकिन उमेश पाल की हत्या के बाद पार्टी ने खुद को उससे दूर कर लिया और बाद में मेयर पद के उम्मीदवारों की सूची से उनका नाम हटा दिया।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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