लखनऊ

सरकार बनाम संगठन की बहस के बीच डिप्टी CM औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे

उत्तर प्रदेश में सरकार बनाम संगठन के बीच उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने आज सुबह अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सुबह-सुबह जिला अस्पताल पहुंचकर अटेंडेंस रजिस्टर के साथ ही दवाओं के स्टॉक का भी जायजा लिया।

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उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक

Photo : Twitter

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और सरकर के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। राज्य में हालात सरकार बनाम संगठन के बन गए हैं। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) हैं तो दूसरी तरफ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya)। केशव मौर्य ने हाल में यह कहकर सरकार बनाम संगठन के झगड़े को हवा दी थी कि संगठन, सरकार से बड़ा बड़ा होता है। इस बीच बुधवार को दिनभर लखनऊ और दिल्ली में मुलाकातों का दौर जारी रहा। इधर गुरुवार सुबह दूसरे उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक औचक निरीक्षण पर निकले।

उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक (Brijesh Pathak) आज यानी गुरुवार 18 जुलाई की सुबह फतेहपुर में औचक निरीक्ष अभियान पर निकले। उपमुख्यमंत्री अचानक यहां के जिला अस्पताल में पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इससे पहले वह रायबरेली में बछरावां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में पहुंचे थे।

उप मुख्यमंत्री ने यहां अटेंडेंस रजिस्टर को देखा और दवाओं के स्टॉक का भी जायजा लिया। उप मुख्यमंत्री सुबह-सुबह बिना किसी को बताए अस्पताल पहुंच गए। अचानक उप मुख्यमंत्री के पहुंचने से वहां अफरा-तफरी जैसा माहौल था।

मंगलवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से दिल्ली में मुलाकात की। राज्य की 10 विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए पार्टी तैयारियों में जुटी है। दरअसल हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव 2024 में विपक्षी गठबंधन INDIA को उत्तर प्रदेश में मिली सफलता के बाद भाजपा में खलबली है। पार्टी 10 विधानसभा सीटों के उपचुनाव को लेकर जबरदस्त तैयारियों में जुटी है।

लोकसभा चुनाव के बाद 7 राज्यों की 13 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में भी भाजपा का प्रदर्शन निराशाजनक ही रहा। यहां भी भाजपा सिर्फ 2 ही सीटें जीत पाई, जबकि INDIA गठबंधन को 10 सीटों पर जीत मिली थी। सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में भी बड़े बदलाव हो सकते हैं। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि नड्डा और केशव मौर्या के बीच बैठक में मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को बदले जाने को लेकर किसी तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है। जिन बदलावों की बात कही जा रही है वह बदलाव भी उपचुनाव के बाद ही होंगे।

भूपेंद्र चौधरी ने भी राजधानी दिल्ली में अलग से जेपी नड्डा के साथ मुलाकात की। चुनाव आयोग ने अभी तक उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों के उपचुनाव की घोषणा नहीं की है, लेकिन भाजपा में इन 10 सीटों को लेकर जबरदस्त तैयारियां की जा रही हैं।

केशव प्रसाद मौर्य और जेपी नड्डा की मुलाकात की खबरों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री मौर्य के बीच अनबन की खबरें भी आईं। दरअसल मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच मनमुटाव की खबरों को तब हवा मिली, जब पिछले सप्ताह मौर्य ने कहा कि हमेशा संगठन ही सरकार से बड़ा होता है। उन्होंने यह बात लखनऊ में भाजपा वर्किंग कमेटी की बैठक में कही थी। इसी मीटिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा चुनाव में हार के लिए अति आत्मविश्वास को जिम्मेदार ठहराया था। उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव हारने वाले कई नेताओं ने दबी जुबान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काम करने के स्टाइल को कारण बताया है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंह author

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी... और देखें

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