लखनऊ

लखनऊ में साइबर फ्रॉड का मामला; पीएम मुद्रा लोन के नाम पर युवक से 88 हजार की ठगी, पुलिस के हाथ खाली

लखनऊ में एक युवक, तेज सिंह, पीएम मुद्रा लोन दिलाने के बहाने साइबर ठगों का शिकार हो गया। एक फर्जी कॉल के जरिए उसे 88 हजार रुपए खाते में रखने को कहा गया और फिर कोड पूछकर पैसे निकाल लिए गए। गोमतीनगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जो डिजिटल ठगी के बढ़ते खतरे को उजागर करती है।

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लखनऊ में पीएम मुद्रा लोन के नाम पर ठगी (Photo: Canva)

Photo : Times Now Digital

लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में रहने वाले युवक को पीएम मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगों ने 88 हजार रुपये की चपत लगा दी। यह घटना 1 जुलाई को शुरू हुई जब तेज सिंह नामक युवक को एक शख्स का फोन आया जिसने खुद को अर्जुन अग्रवाल बताया और दावा किया कि वह भारत सरकार की योजना के तहत लोगों को पीएम मुद्रा लोन दिलाने में मदद करता है।

ठग ने तेज से कहा कि लोन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसके बैंक खाते में 80 से 90 हजार रुपये होना जरूरी है। इस झांसे में आकर युवक ने 2 जुलाई को अपने खाते में 88 हजार रुपये जमा कर दिए। इसके बाद जब तेज ने लोन की स्थिति जानने के लिए संपर्क किया, तो ठग ने उसे एक कोड बताने को कहा। जैसे ही तेज ने वह कोड शेयर किया तो उसके खाते से पूरी रकम गायब हो गई।

पैसे कटने के बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने तत्काल गोमतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि ठगों की पहचान करने के लिए उनके मोबाइल नंबर और बैंक खाता विवरण की जांच की जा रही है। यह मामला साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं की एक और कड़ी बन गया है, जिसमें लोग लालच या झांसे में आकर आसानी से ठगी का शिकार हो रहे हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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