लखनऊ

UP Fooding: सीएम योगी बोले- हर शहर में खास खान पान गलियां बनें, लोग उठाएं लुत्फ

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलEdited by: रवि वैश्य
  • Updated Dec 25, 2022, 07:56 PM IST

catering in up:योगी आदित्यनाथ संडे को संगीत नाट्य अकादमी प्रदेश की संस्‍कृति विभाग की ओर से आयोजित 'संस्कृतियों का संगम' कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे ।

Image

सीएम योगी ने कहा कि यह खान पान गली लोगों को विभिन्‍न राज्‍यों के खानपान और परिवेश से परिचित कराए

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  1. 'हर महानगर के अंदर खान-पान की एक ऐसी गली बनाएं जहां विभिन्न समाजों से जुड़े भोजन मिलें'
  2. 'ऐसा प्रयास होना चाहिए कि कुछ विशिष्ट गलियां बनें जो खानपान के लिए ही चिन्हित हों'
  3. 'यहां तमिल का खानपान भी हो, मलयालम का भी हो, तेलुगू भी हो, राजस्थानी भी हो, पंजाबी भी हो'

उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने संडे को कहा कि भारत के अलग-अलग राज्यों के खानपान भले ही अलग-अलग हों, लेकिन इस खानपान के बाद जो स्वाद और ऊर्जा है वो एक जैसी होती है और हर महानगर के अंदर खान-पान की एक ऐसी गली बनाएं जहां लोगों को विभिन्न समाजों से जुड़े भोजन मिल सके।

योगी ने कहा कि यह खान पान गली लोगों को विभिन्‍न राज्‍यों के खानपान और परिवेश से परिचित कराएगी, तथा लोग परिवार के साथ जाकर देख भी सकेंगे कि अगर उन्हें तमिलनाडु जाना है तो वहां खाने को क्या मिलेगा, पंजाब जाना है तो वहां क्या मिलेगा और केरल, उत्तराखंड जैसी जगहों पर जाएंगे तो क्या खाने को मिलेगा क्योंकि ये सभी खानपान विशिष्ट हैं।

'कुछ विशिष्ट गलियां बनें जो खानपान के लिए ही चिन्हित हों'

कार्यक्रम के दौरान खानपान के संगम को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, 'ऐसा प्रयास होना चाहिए कि कुछ विशिष्ट गलियां बनें जो खानपान के लिए ही चिन्हित हों और वो भी अलग-अलग परंपरा से जुड़े हों । यहां तमिल का खानपान भी हो, मलयालम का भी हो, तेलुगू भी हो, राजस्थानी भी हो, पंजाबी भी हो, सिंधी भी हो, उत्तराखंडी भी हो और उत्तराखंड में भी गढ़वाल का भी हो, कुमाऊं का भी हो, जौनसार का भी हो।'

'खान पान, वेशभूषा, भाषा, इन सब में अनेकता है'

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे ही उत्तर प्रदेश में भोजपुर, अवध, बुंदेलखंड और ब्रज का भी हो। ये सभी संस्कृतियां देश की ताकत हैं। इसके साथ जुड़ा हमारा इतिहास, हमारा गौरव और गौरव की अनुभूति किसी भी समाज को आगे बढ़ाने का कार्य करता है। इसे निरंतरता के साथ आगे बढ़ाने की भी आवश्यकता है।योगी ने कहा कि हम सब जानते हैं कि भारत की विशेषता है कि उसमें अनेकता है, खान पान, वेशभूषा, भाषा, इन सब में अनेकता है, लेकिन भाव और भंगिमा हम सबकी एक है। काशी-तमिल संगमम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की संस्कृति ही उसकी आत्मा है जो हम सबको एक सूत्र में पिरोती है।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article