लखनऊ

Asad Encounter: 'माफिया को मिट्टी में मिला देंगे'...50 दिन, 3 एनकाउंटर, 4 हत्यारोपी ढेर

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 14, 2023, 12:28 PM IST

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सीएम योगी ने सदन में कहा था, “इस सदन में कह रहा हूं, इस माफिया को मिट्टी में मिला देंगे... जितने माफिया हैं उनको मिट्टी में मिलाने का काम करेंगे।

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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Photo : ANI

Asad Encounter: "इस सदन में कह रहा हूं, इस माफिया को मिट्टी में मिला देंगे" ये शब्द थे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जो उन्होंने उमेश पाल की हत्या के ठीक एक दिन बाद विधानसभा में कहे थे। पेशे से वकील उमेश पाल 2005 में राजू पाल हत्याकांड के गवाह थे और उन्हें हत्यारोपी माफिया अतीक अहमद से लगातार जान का खतरा था। आखिरकार 24 फरवरी 2023 को दिनदहाड़े उनकी हत्या कर दी गई। इस जानलेवा हमले में यूपी पुलिस के दो सिपाही भी मारे गए थे। आरोप लगा था अतीक के सबसे छोटे बेटे असद अहमद पर, जिसका एनकाउंटर हो चुका है।

उस दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए जब सदन की बैठक हुई तो विपक्षी समाजवादी पार्टी ने उमेश पाल की हत्या का मुद्दा उठाते हुए राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाया। इसके जवाब में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस के नतीजे बहुत जल्द सभी के सामने होगी। उन्होंने कहा, “इस सदन में कह रहा हूं, इस माफिया को मिट्टी में मिला देंगे... जितने माफिया हैं उनको मिट्टी में मिलाने का काम करेंगे।

50 दिनों के भीतर पांच में से चार हत्यारोपी ढेर

तब से 50 दिनों के भीतर उमेश पाल की हत्या में शामिल पांच लोगों में से चार का सफाया कर दिया गया है। ये आरोपी तीन अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए। 25 फरवरी को सीएम योगी ने जो कहा था उसका नतीजा दिख रहा है।

दोनों हत्याओं के मुख्य आरोपियों में से एक खूंखार गैंगस्टर अतीक अहमद जेल में है। हत्या में शामिल उसके बेटे असद और उसके साथ गुलाम को पुलिस ने ढेर कर दिया है। अतीक 2007 में उमेश पाल के अपहरण के मामले में आजीवन कारावास की सजा पाने के बाद से जेल में है। इसी साल 24 फरवरी को प्रयागराज में वकील उमेश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उमेश के परिवार ने अतीक, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, भाई अशरफ, अतीक के बेटे असद और कुछ अन्य लोगों पर उसकी हत्या का आरोप लगाया था। उमेश पाल राजू पाल हत्याकांड का मुख्य गवाह था।

उमेश पाल की हत्या के दो दिन बाद अरबाज ढेर

दिनदहाड़े हुई हत्या कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने अपराध में शामिल पांच लोगों विजय चौधरी उर्फ उस्मान, अरबाज (हमलावरों के वाहन का ड्राइवर), अतीक अहमद का बेटा असद अहमद, असद का सहयोगी गुलाम और गुड्डू मुस्लिम की पहचान की। हत्या के दिन से ही पांचों फरार चल रहे थे, लेकिन यूपी पुलिस उनके पीछे लगी थी। उमेश पाल की हत्या के दो दिन बाद 27 फरवरी को अरबाज एक मुठभेड़ में मारा गया था। फिर 6 मार्च को प्रयागराज में विजय चौधरी को ढेर किया गया। झांसी में गुरुवार की मुठभेड़ में असद और गुलाम मारे गए।

यूपी पुलिस और सीएम की सख्त नीति का खौफ अतीक पर साफ दिखने लगा था। 5 मार्च को 100 से अधिक आपराधिक मामलों का सामना करने वाले अतीक अहमद को उमेश पाल हत्याकांड के सिलसिले में अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल से 1,000 किलोमीटर दूर प्रयागराज की एक जेल में सड़क मार्ग से ले जाया गया था। जब वह रास्ते में था अहमद ने पुलिस वैन के अंदर से पत्रकारों से बात की। उसने सरकार से अपने परिवार के सदस्यों को बख्शने की गुहार लगाई। उसने कहा- हम सरकार से कहना चाहते हैं, बिल्कुल मिट्टी में मिल गए हैं, अब रगड़ा जा रहा है। हमारी औरतों और बच्चों को परेशान न करें।

अब पांचवां आरोपी गुड्डू मुस्लिम ही जिंदा

अतीक की इस गुहार के एक दिन बाद अतीक के बेटे असद अहमद और उसके साथी गुलाम को झांसी में यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया। उमेश पाल हत्याकांड का पांचवां आरोपी गुड्डू मुस्लिम फरार चल रहा है। उमेश पाल की हत्या के बाद दर्ज की गई पुलिस प्राथमिकी में अतीक अहमद, उसकी पत्नी शाहिस्ता परवीन, उसके बेटे असद, उसके छोटे भाई अशरफ और अन्य का नाम है। प्रयागराज की एक अदालत ने अतीक अहमद को गुरुवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। असद अब मर चुका है। अशरफ बरेली की जेल में है। शाहिस्ता परवीन फरार है।

डिप्टी सीएम बोले- आज ये मिट्टी में मिल गए

योगी आदित्यनाथ के सख्त भाषण के लगभग 50 दिन बाद उनके डिप्टी केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को झांसी में असद और उनके सहयोगी की मुठभेड़ के लिए पुलिस की सराहना की और कार्रवाई को अपराधियों के लिए संदेश करार दिया। मौर्य ने कहा, यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है। सरकार ऐसे अपराधों में शामिल लोगों को पाताल से भी ढूंढ़ निकालेगी। उन्होंने कहा कि असद की मौत प्रयागराज और यूपी के लोगों के लिए राहत की खबर है। आज ये मिट्टी में मिल गए।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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