लखनऊ

UP Nikay Chunav: निकाय चुनाव में CM योगी ही बने खेवनहार, कई मंत्रियों के इलाके में हारी BJP

  • Authored by: संजीव कुमार दुबे
  • Updated May 16, 2023, 01:59 PM IST

UP Nikay Chunav Result 2023: भाजपा की इस जीत में पार्टी की हार भी निहित है। चुनाव रिजल्ट इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यूपी के जिन इलाकों में केंद्रीय मंत्रियों, योगी सरकार के मंत्रियों, सांसदों एवं विधायकों को पार्टी उम्मीदवारों को जिताने की जिम्मेदारी दी गई थी, वहां पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। ये माननीय अपने इलाकों में पार्षदों को भी नहीं जिता पाए। चुनाव हारने वाले प्रत्याशी अपनी हार का ठीकरा इन नेताओं पर फोड़ रहे हैं।

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निकाय चुनाव में भाजपा की बंपर जीत हुई है।

Photo : PTI

UP Nikay Chunav Result 2023: इसमें कोई दो राय नहीं है कि उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव-2023 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार एवं ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। नगर निगम की सभी 17 सीटों पर उसने परचम लहराते हुए विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया। नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भी भगवा पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। नगर निगम, परिषद एवं नगर पंचायत के वार्डों में भी भाजपा के उम्मीदवार बड़ी संख्या में जीते हैं लेकिन पार्टी को उन इलाकों में हार का सामना करना पड़ा है जहां से राज्य के कई मंत्री आते हैं। भाजपा के ये दिग्गज नेता अपने गढ़ में पार्षद भी नहीं जिता पाए हैं। भाजपा ने इसे गंभीरता से लिया और जिलाध्यक्षों से रिपोर्ट मांगी है।

सीएम योगी ने एक दिन में कीं 3-4 रैलियां

निकाय चुनाव में भाजपा की इस जीत का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अथक परिश्रम को दिया जा रहा है। करीब 15 दिनों के अपने चुनाव प्रचार में सीएम योगी यूपी के हर कोने में गए। पार्टी उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे। एक दिन में उन्होंने तीन से चार रैलियां कीं। सीएम रहते हुए उन्होंने सूबे में जिस तरह से प्रचार किया, वह काबिलेगौर है। सीएम ने अकेले अपने दम पर लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा को बहुत बड़ी जीत दिलाई।

मंत्रियों के इलाके में हारी BJP

भाजपा की इस जीत में पार्टी की हार भी निहित है। चुनाव रिजल्ट इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यूपी के जिन इलाकों में केंद्रीय मंत्रियों, योगी सरकार के मंत्रियों, सांसदों एवं विधायकों को पार्टी उम्मीदवारों को जिताने की जिम्मेदारी दी गई थी, वहां पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। ये माननीय अपने इलाकों में पार्षदों को भी नहीं जिता पाए। चुनाव हारने वाले प्रत्याशी अपनी हार का ठीकरा इन नेताओं पर फोड़ रहे हैं।

कुछ नेता बीमारी का बहाना बना प्रचार से दूर रहे

रिपोर्टों के मुताबिक हारे प्रत्याशियों का आरोप है कि पार्टी के मंत्री, नेता अपने करीबियों एवं रिश्तेदारों को जिताने में लगे रहे। उन्होंने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों को जिताने के लिए मेहनत नहीं की। चुनाव प्रचार के समय ये या तो नदारद रहे अथवा संकेत के तौर पर उनके लिए क्षेत्र में चुनाव प्रचार किया। कई नेता बीमारी का बहाना बनाकर चुनाव प्रचार से दूर हो गए। राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, हरीश द्विवेदी, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के इलाके (नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्र) में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है।

पार्टी ने जिलाध्यक्षों से रिपोर्ट मांगी

यही नहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के संसदीय क्षेत्र लखीमपुर खीरी, केंद्रीय राज्यमंत्री भानुप्रताप वर्मा , मंत्री राकेश सचान के इलाके में भी भाजपा प्रत्याशी हारे हैं। बताया जा रहा है कि दिग्गजों के क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवारों की हार को भाजपा हल्के में नहीं ले रही है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने निकाय चुनाव में सभी 98 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्षों से रिपोर्ट तलब की है। इस रिपोर्ट के आधार पर निकाय चुनाव में भितरघात करने वालों के खिलाफ पार्टी कार्रवाई करने की सोच रही है। पार्टी को हराने में सक्रिय रहे नेताओं को निष्कासित भी किया जा सकता है।

भाजपा-सपा, बसपा एवं कांग्रेस का प्रदर्शन

नगर निगम चुनाव में भाजपा ने सभी 17 महापौर, 813 पार्षद, नगर पालिका परिषदों में 89 अध्यक्ष और 1360 सभासद, 191 नगर पंचायत अध्यक्ष और 1403 वार्ड में सदस्य के पदों पर जीत हासिल की है। राज्‍य के मुख्‍य विपक्षी दल सपा ने नगर निगमों में 191 पार्षद, 35 नगर पालिका परिषदों के अध्यक्ष एवं 425 सभासद तथा 79 नगर पंचायत अध्यक्ष व 485 वार्ड सदस्य के पदों पर चुनाव जीता है। बहुजन समाज पार्टी ने नगर निगमों में 85 पार्षद, 16 नगर पालिका परिषदों के अध्यक्ष और 191 सभासदों के अलावा 37 नगर पंचायत अध्यक्ष और 215 वार्ड सदस्यों के पदों पर विजय हासिल की। कांग्रेस ने नगर निगमों में 77 पार्षद, चार नगर पालिका परिषदों में अध्यक्ष व 91 सभासद तथा 14 नगर पंचायत अध्यक्ष 77 वार्ड सदस्य के पदों पर चुनाव जीता।

AIMIM एवं AAP के उम्मीदवार भी जीते

असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को नगर निगमों में 19 पार्षद, तीन नगर पालिका परिषदों के अध्यक्ष और 30 सभासदों के अलावा छह नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों पर भी चुनाव जीतने में सफलता मिली है। इसके अलावा, आम आदमी पार्टी (आप) ने नगर निगमों के आठ पार्षद, तीन नगर पालिका परिषदों के अध्यक्ष और 33 सभासद तथा दो नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों पर चुनाव जीता है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पौत्र जयंत चौधरी के नेतृत्व वाले राष्‍ट्रीय लोकदल (रालोद) ने नगर निगमों में 10 पार्षद, सात नगर पालिका परिषदों के अध्यक्ष और 40 सभासद तथा सात नगर पंचायत अध्‍यक्ष के पदों पर अपनी जीत दर्ज करायी है।

संजीव कुमार दुबे
संजीव कुमार दुबे author

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां ... और देखें

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