लखनऊ

UP के इन शहरों से गांव को जोड़ेंगी करीब 1000 बसें, सरकार की मिल गई मंजूरी

यूपी के 13 जिलों में शहर को गांव से जोड़ने के लिए पहल शुरू की गई है। इन शहरों को गांव से जोड़ने के लिए बसें चलाई जाएंगी, ताकि गांव से शहर की पहुंच आसान हो सके।

Image

गांवों से शहर का सफर होगा आसान।

Photo : PTI

उत्तर प्रदेश में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ने के लिए नई पहल शुरू की गई है। इस महत्वपूर्ण पहल से गांवों को शहरों से जोड़ने का प्लान है। इसके लिए अनुबंध आधारित बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से शहर तो जुड़ेंगी ही, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी बढ़ोतरी होगी। इस प्लान को हरी झंडी मिल चुकी है और इसके लिए टेंडर भी जारी हो चुका है।

फिलहाल 13 शहरों के लिए योजना

फिलहाल इस योजना के तहत लखनऊ, कानपुर सहित 13 शहरों को ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ा जाएगा। इन जिलों के आस-पास के इलाकों में बस का संचालन किया जाएगा। इस योजना के तहत अब उन गांवों तक भी बस की सुविधा मिलेगी, जहां अभी रोडवेज की सुविधा नहीं है। इस सेवा से गांव के लोगों को शहर तक आना-जाना काफी आसान हो जाएगा। साथ ही वहां के छात्रों को भी सुविधा मिलेगी।

कुल 676 गांवों को मिलेगा लाभ

जानकारी के मुताबिक, इस योजना के तहत 676 गांवों को शहर से जोड़ा जाएगा और इसके लिए 988 बसों का संचालन होगा। इन बसों की दूरी सीमित होगी। बताया जा रहा है कि ये बसें 40 से 100 किमी के दायरे में गांव को शहर से जोड़ेंगी। इनमें 28 सीटर मिनी बसें और 40 सीटर बसें शामिल हैं।

मिल गई हरी झंडी

बता दें कि इस योजना को हरी झंडी मिल चुकी है और टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं। इस पर जल्द ही आगे का काम शुरू हो जाएगा। अनुमान है कि अगले तीन महीनों में इस सुविधा को शुरू कर दिया जाए, ताकि क्षेत्रीय यातायात को बढ़ावा मिल सके

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

और पढ़ें
End of Article