लखनऊ

Saharanpur: सहारनपुर के गुघाल मेले में बाल-बाल टला हादसा; बच्चों को झुला रहा झूला टूटा, लापरवाही के लगे आरोप

सहारनपुर के ऐतिहासिक गुघाल मेले में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब मेले में लगा एक झूला अचानक टूट गया। इस हादसे में करीब दो दर्जन बच्चों में से छह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोप है कि झूले बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के लगाए गए थे। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए झूला हटवा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

Image

बच्चों को झुलाते समय टूटा झूला (AI Image)

Gughal Mela Accident: सहारनपुर के ऐतिहासिक गुघाल मेले में रविवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मेले में लगाया गया एक झूला अचानक चलते-चलते टूट गया, जिससे अफरातफरी मच गई। झूले में सवार करीब दो दर्जन बच्चों में से आधा दर्जन गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायल बच्चे शहर की पीर वाली गली के बताए जा रहे हैं।

झूला टूटते ही मचा हल्ला

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, झूला अचानक जोरदार धमाके के साथ नीचे गिरा। हादसे के बाद आसपास खड़े परिजनों और बच्चों में चीख-पुकार मच गई और मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। हादसे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप

मेला परिसर में लगाए गए झूलों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि ठेकेदारों ने बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के झूले लगाए थे। इतना ही नहीं, हादसे को दबाने की भी कोशिश की गई। मामले के खुलने के बाद ठेकेदार अब सफाई दे रहे हैं। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए झूला हटवा दिया है।

पहले भी सामने आई थी लापरवाही

यह पहला मौका नहीं है जब मेले में इस तरह की लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले भी बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के मौत का कुआं शुरू किया गया था, जिसे पुलिस ने समय रहते रोक दिया था।

व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल

मेले में 31 लाख रुपये की बिजली व्यवस्था किए जाने के बावजूद अंधेरे की समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल घायल बच्चों का इलाज कराया जा रहा है और प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। मेले में सुरक्षा व्यवस्था और झूलों की फिटनेस को लेकर सख्ती बरतने की बात कही जा रही है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

और पढ़ें
End of Article