Uttar Pradesh Ki Taaja Khabar (आज की उत्तरप्रदेश की ताजा न्यूज़ लाइव, आज के उत्तरप्रदेश समाचार) 25 अगस्त 2023 LIVE : उत्तर प्रदेश (BTC) डीएलएड दाखिले की तैयारी कर रहे उम्मीदवार अब 31 अगस्त तक अपना पंजीकरण कर सकते हैं। वहीं, केशवधाम में आयोजित दो दिवसीय बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने घर-घर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा को लेकर जोर दिया। उत्तरप्रदेश के सभी जिलों-कस्बों की सभी छोटी-बड़ी खबरें आप एक साथ इस जगह पढ़ पाएंगे। दिनभर आप इस पेज पर बने रहे और अपने इलाके की लेटेस्ट अपडेट जानते रहें।
- मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में सजा काज रहे पुर्व मंत्री अमरमणि और उनकी पत्नी मधुमणि आज जेल से बाहर आएंगे। मामला 9 मई 2003 का है जिसमें मशहूर कवित्री मधुमिता शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
- केशवधाम में आयोजित दो दिवसीय बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने घर-घर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा और लोगों में राष्ट्रवाद की भावना पैदा करने को लेकर जोर दिया।
- गुरुवार को एससी-एसटी कोर्ट ने उमेश पाल हत्याकांड के मामले में अतीक अहमद के बहनोई की अर्जी खारिज कर दी।
- उत्तर प्रदेश डीएलएड (BTC) दाखिले की तैयारी कर रहे उम्मीदवार अब 31 अगस्त तक अपना पंजीकरण कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए परीक्षा शुल्क का भुगतान 2 सितंबर तक और इसके बाद 5 सितंबर तक अप्लीकेशन सबमिट करना होगा।
- जिला अदालत ने एक महिला को पारिवारिक रंजिश में अपनी देवरानी के चार माह के अबोध बालक की गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए उसे तीन साल की कैद की सजा सुनाई है और बीस हजार रुपया जुर्माना लगाया है। मामला गोपीगंज थाना के पूरे भिखारी गांव का है।
- जिला प्रशासन ने यहां गोरखनाथ मंदिर समेत चुनिंदा स्थानों के ऊपर ड्रोन उड़ाने पर हाल ही में प्रतिबंध लगा दिया है और ड्रोन उड़ाने के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकार को वह समय सीमा बताने को कहा जिसके भीतर वह उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन और सदस्य सचिव की नियुक्ति करेगी।
- पुरानी बस्ती पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद से चोरी हुए ट्रक को 24 घंटे के अंदर बरामद कर लिया। बताया जा रहा है कि आपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगवाए गए सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के मदद से यह मिशन सफल हो पाया है।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि सेवानिवृत्त सरकारी ,अर्द्ध सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट बेनिफिट्स का समय से भुगतान न करना अवैध व पाप है। जिसको लेकर कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइंस का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।
