लखनऊ

Ayodhya News: रामलला की 3 मूर्तियां हो रहीं तैयार, 'जो मूर्ति प्रभु श्रीराम चुनेंगे, वही गर्भगृह में होगी स्थापित'

रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा- रामलला की तीन मूर्तियां तैयार हो रही हैं। इनमें एक मूर्ति गर्भगृह में विराजेगी। उन्होंने, कहा-जो मूर्ति प्रभु श्रीराम चुनेंगे, वही मूर्ति गर्भगृह में स्थापित होगी।

Image

राममंदिर प्रतिकात्मक

Photo : ANI

अयोध्या: भव्य राम मंदिर के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। मंदिर की मूर्तियां कब तक तैयार होंगी और कौन सी मूर्ति कहां स्थापित की जाएगी, इसको लेकर रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने, कहा-रामलला की 3 मूर्तियां नवंबर तक बनकर तैयार होंगी। उनमें से जो मूर्ति प्रभु श्रीराम चुनेंगे, वही मूर्ति गर्भगृह में स्थापित होगी।

चंपत राय ने बताया कि गर्भगृह में रामलला बाल स्वरूप में विराजेंगे। 4 फीट 3 इंच की रामलला की 3 मूर्तियां देश के बड़े मूर्तिकार तैयार कर उसे अंतिम रूप देंगे। नवंबर तक रामलला की मूर्तियां बनकर तैयार हो जाएंगी। मूर्तियां कर्नाटक और राजस्थान के मूर्तिकार मिलकर बना रहे हैं।

एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान चंपत राय ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों के कई चरण हैं। रामलला 5 वर्ष के बालक के रूप में होंगे। तीन मूर्तिकार मूर्ति बना रहे हैं, जिस प्रतिमा को रामलला चाहेंगे वो ही गर्भगह में स्थापित होगी। तीनों प्रतिमाएं तैयार होने के बाद इसका फैसला लिया जाएगा। रामलला की प्रतिमा की ऊंचाई आदि तय करने में खगोल विज्ञानियों की राय ली जा रही है, ताकि सूर्य की पहली किरण उनके ललाट पर पड़े।

वहीं, प्राण प्रतिष्ठा के दौरान अयोध्या आने वाले अन्य अतिथियों की अभी फाइनल नहीं हुई है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बीजेपी के कई बड़े नेता कार्यक्रम का हिस्सा रहेंगे। इसके अलावा देश भर से संत महात्मा भी अयोध्या पहुंचेंगे। चंपत राय ने कहा अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में बहुत ज़्यादा राम भक्तों के आने की उम्मीद है। इतने ज्यादा लोग अयोध्या में कहां और कैसे रुकेंगे? इनके लिए भोजन-पानी की व्यवस्था कैसे होगी? इसपर मंथन चल रहा है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article