Lucknow Fire Tragedy: लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस भयावह हादसे में बाराबंकी के फतेहपुर कस्बे निवासी मोहम्मद शहजान की भी दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आग और धुएं के बीच फंसे शहजान ने अपनी मां को आखिरी बार फोन किया था और मदद की गुहार लगाई थी।
परिजनों ने बताया कि शहजान ने उन्हें कॉल किया था और घबराई हुई आवाज में अपनी मां से कहा, “मम्मी, बचा लीजिए मुझे...” इसके बाद फोन अचानक कट गया। परिवार ने दोबारा उसे कॉल करने की कोशिश की, लेकिन उससे बात नहीं हो पाई। बाद में उन्हें पता चला कि इमारत में लगी भीषण आग और धुएं ने उनके बेटे की जान ले ली।
आग और धुएं में फंसे छात्र
जानकारी के अनुसार, अलीगंज स्थित तीन मंजिला इमारत में सोमवार दोपहर करीब 2:15 बजे आग लगी थी। आग की लपटें इतनी तेजी से फैली कि दूसरी मंजिल पर मौजूद लाइब्रेरी और कोचिंग में पढ़ रहे छात्रों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। आग से बचने के लिए कई छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया। लेकिन घने धुएं के कारण दम घुटने से उनकी सांसें थम गईं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जिस बिल्डिंग में आग लगी उसके बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पहले फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक चल रहे थे। वहीं ऊपरी मंजिलों पर लाइब्रेरी और 3डी आर्ट एवं गेमिंग स्टूडियो संचालित किया जा रहा था। आग लगने के कारणों की जांच जारी है, हालांकि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।
फतेहपुर कस्बे में पसरा मातम
बताया जा रहा हैकि जब देर रात शहजान का पार्थिव शरीर उसके घर पहुंचा तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उसके घर पर पड़ोसी, रिश्तेदार और समाजसेवी बड़ी संख्या में शोक जताने पहुंचे।
