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"FD जैसे सेफ" Large Cap Stocks ने रुलाया, इस साल 10 स्टॉक्स ने 40% तक पैसा डुबाया

"FD जैसे सेफ" कहे जाने वाले Large Caps Stocks ने भी निवेशकों को रुला दिया है। यहां तक कि निफ्टी और सेंसेक्स जैसे बेंचमार्क इंडेक्स में शामिल स्टॉक्स ने निवेशकों का 40% तक पैसा डुबा दिया है।

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लार्ज कैप की हालत पस्त

Share Market Large Cap Stocks YTD Performance : आमतौर पर लार्ज कैप स्टॉक्स को मजबूत और कम जोखिम वाला माना जाता है। यही वजह है कि कई निवेशक छोटे और मिडकैप शेयरों की जगह बड़ी कंपनियों के स्टॉक्स में पैसा लगाना पसंद करते हैं। लेकिन, 2026 में बाजार के उतार-चढ़ाव ने इस धारणा को भी चुनौती दी है।

Large Cap कैटेगरी के 10 स्टॉक्स ऐसे हैं, जिनमें YTD आधार पर करीब 40% तक की गिरावट हुई है। यानी साल की शुरुआत में किसी निवेशक ने इन शेयरों में ₹1 लाख लगाए होते, तो YTD रिटर्न के हिसाब से उसका निवेश करीब ₹60,000 से ₹72,000 के बीच रह गया होता। नीचे दी गई टेबल में इस साल अब तक निवेशकों को सबसे ज्यादा नुकसान देने वाले लार्ज कैप स्टॉक्स को चेक कर सकते हैं।

StockCurrent PriceYTD Return
Wipro₹160.39-40.03%
TCS₹2,072-35.78%
ICICI Prudential Life₹444.60-34.09%
Ambuja Cement₹372.00-33.69%
LTIMindtree₹4,065-33.21%
UPL₹541.25-32.95%
SBI Card₹582.25-32.27%
HPCL₹354.60-28.99%
Maruti Suzuki₹11,958-28.57%
Muthoot Finance₹2,755-28.11%

Wipro ने कराया सबसे ज्यादा नुकसान

Large Cap Stocks की इस लिस्ट में Wipro सबसे ज्यादा कमजोर नजर आता है। आज इस शेयर का भाव ₹160.39 है और YTD रिटर्न माइनस 40.03% है। इसका मतलब है कि साल की शुरुआत से अब तक शेयर में करीब 40% की गिरावट आई है। वहीं, 1 महीने में भी Wipro ने 11.39% का नेगेटिव रिटर्न दिया है और 6 महीने में -14.55% रिटर्न दिया है।

TCS भी नहीं बचा पाया निवेशकों का पैसा

देश के सबसे बड़े कारोबारी समूह टाटा की सबसे बड़ी कंपनी TCS का स्टॉक भी निवेशकों की पूंजी को नहीं बचा पाया है। यह IT सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी है और लार्जकैप स्टॉक्स की लिस्ट में निवेशकों का पैसा डुबाने के मामले में दूसरे स्थान पर है। TCS का YTD रिटर्न -35.78% है। शेयर का मौजूदा भाव ₹2,072 दिख रहा है। पिछले 1 महीने का रिटर्न -11.51% और 6 महीने का -12.14% है। 1 साल में शेयर करीब 28.25% नीचे है।

इंश्योरेंस और सीमेंट दिग्गजों ने तोड़ा भरोसा

लिस्ट में तीसरे स्थान पर ICICI Prudential Life है, जिसका YTD रिटर्न -34.09% है। आज शेयर ₹444.60 के आसपास है। पिछले 1 महीने में भी इसमें 12.16% की गिरावट दिख रही है। वहीं, चौथे स्थान पर Ambuja Cement आता है, जिसका YTD रिटर्न -33.69% है। शेयर ₹372 पर है और 6 महीने में इसका रिटर्न -7.51% रहा है। यानी बाजार की कमजोरी ने सिर्फ IT सेक्टर को ही प्रभावित नहीं किया। इश्योरेंस और सीमेंट जैसे अलग-अलग सेक्टरों के Large Cap Stocks भी दबाव में हैं।

LTIMindtree में 33% से ज्यादा की गिरावट

IT Services कंपनी LTIMindtree इस लिस्ट में 5वें पायदान पर है। शेयर का करंट प्राइस ₹4,065 के आसपास है और YTD रिटर्न -33.21% है। हालांकि, इसमें एक दिलचस्प बदलाव भी दिखाई देता है। पिछले 3 महीने का रिटर्न +15.39% और 6 महीने का रिटर्न +1.71% है। इसका मतलब यह है कि शेयर ने साल की शुरुआत से अब तक काफी नुकसान दिया है, लेकिन हाल के कुछ महीनों में इसमें रिकवरी भी देखने को मिली है।

UPL, SBI Card भी 30% के आसपास टूटे

आईटी से हटकर बाजार में केमिकल और एग्रीकल्चर से जुड़ी कंपनी UPL का YTD रिटर्न -32.95% रहा है। इसके शेयर का भाव ₹541.25 है।

वहीं SBI Card का YTD रिटर्न -32.27% रहा है। ₹582.25 के आसपास कारोबार कर रहे इस शेयर में पिछले 1 महीने का रिटर्न -9.20% और 6 महीने का -8.40% है। दोनों शेयरों में 1 साल का रिटर्न भी नेगेटिव है। UPL ने जहां -17.66% दिया है। वहीं, SBI Card ने 1 साल में -33.62% पैसा डुबाया है।

HPCL, Maruti और Muthoot Finance भी लाल निशान में

इस लिस्ट में ऑयल मार्केटिंग दिग्गज HPCL का YTD रिटर्न -28.99% हैरान करने वाला है। हालांकि इसका 3 साल का रिटर्न +108.31% है। यानी लंबी अवधि में मजबूत प्रदर्शन के बावजूद इस साल शेयर दबाव में है। वहीं, देश में सबसे ज्यादा पैसेंजर कार बेचने वाली कंपनी Maruti Suzuki का YTD Return भी -28.57% है। इसका पिछले 1 महीने का रिटर्न -10.78% और 6 महीने का -3.02% है। लेकिन 3 साल में इसका रिटर्न +12.47% है। मारुती सुजुकी के आंकड़े भी हैरान करते हैं, क्योंकि कंपनी की ग्रोथ और सेल्स लगातार बढ़ी है। इसके अलावा Muthoot Finance का YTD रिटर्न -28.11% है, जबकि इसका 3 साल का रिटर्न +120.43% है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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