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Badrinath Dham : 5 महीने नहीं मिलेंगे भगवान बद्रीनाथ! सर्दियों के लिए कपाट बंद; चारधाम यात्रा का समापन

Badrinath Dham Kapat Band: उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट सर्दियों के लिए बंद कर दिए गए। बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी में, रावल अमरनाथ नंबूदरी ने पारंपरिक रस्में निभाईं और मंदिर के कपाट औपचारिक रूप से बंद कर दिए। ये कपाट अप्रैल के आखिरी दिनों या मई की शुरुआत में खुल सकते हैं।

Badrinath Dham Door Closed

बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद (फोटो-ANI)

Badrinath Dham Kapat Band : उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित भगवान बद्रीनाथ के कपाट मंगलवार दोपहर दो बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारियों ने बताया कि विशेष पूजा अर्चना के बाद बदरीनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए। इस मौके पर ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए श्रद्धालु बदरी विशाल के दर्शन के लिए मौजूद थे। कपाट बंद होने की प्रक्रिया सुबह से ही शुरू हो गई थी। कपाट बंद होने से पहले आखिरी पूजा बदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी ने संपन्न की।

इस अवसर पर बदरीनाथ मंदिर परिसर को कई क्विंटल फूलों से सजाया गया था जिनमें मुख्य रूप से पीले अैर नारंगी रंग के गेंदे के फूलों का उपयोग किया गया । सेना की गढ़वाल स्काउट के बैंडों की मधुर धुनों के साथ पारंपरिक लोकनृत्य और भजन कीर्तन के चलते सुबह से ही बदरीनाथ धाम में वातावरण भक्तिमय हो उठा था ।

भगवान की उत्सव डोली बुधवार को अपने शीतकालीन प्रवास स्थल ज्योतिर्मठ के नरसिंह मंदिर के लिए रवाना होगी जहां सर्दियों में श्रद्धालु उनके दर्शन कर सकेंगे । चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ मंदिर के बंद होने के साथ ही इस साल की चार धाम यात्रा का भी समापन हो गया।

कब खुलेंगे चार धाम के कपाट

गढ़वाल हिमालय के चार धामों में से तीन धामों के कपाट पिछले माह ही शीतकाल के लिए बंद किए जा चुके हैं। केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 23 अक्टूबर को बंद हुए थे जबकि गंगोत्री के कपाट दीवाली के अगले दिन अन्नकूट के पर्व पर 22 अक्टूबर को बंद किए गए थे। सर्दियों में भारी बर्फवारी और भीषण ठंड के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित चार धामों के कपाटों को हर साल अक्टूबर-नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया जाता है जो अगले साल अप्रैल-मई में दोबारा खोल दिए जाते हैं।

साल में करीब छह माह चलने वाली चारधाम यात्रा को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इस साल चार धाम यात्रा में देश—विदेश से करीब 51 लाख श्रद्धालु आए जिनमें हेमकुंड साहिब गुरुद्धारे में मत्था टेकने आए 2.74 लाख श्रद्धालु भी शामिल हैं । आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस बार यमुनोत्री में 6.44 लाख, गंगोत्री में 7.58 लाख, केदारनाथ में 17.68 लाख तीर्थयात्री दर्शन के लिए आए जबकि बदरीनाथ में सोमवार तक 16.52 लाख श्रद्धालु पहुंचे।

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Pushpendra Kumar
Pushpendra Kumar Author

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद ... और देखें

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