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गरीबी, लाचारी, बेबसी पर मरहम, बैल को साथी मिला और 'म्हातारी' के कंधे जोत से मुक्त!

महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक गांव में पत्नी को बैल की जगह जोत में बांधकर खेती करने को मजबूर किसान परिवार को तत्काल राहत के तौर पर नया बैल मिला है और मुआवजा देने का वादा किया गया है।

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किसान काशीनाथ गायकवाड़ को सरकार ने दी राहत

महाराष्ट्र के लातूर से पिछले दिनों एक बेहद मार्मिक तस्वीर सामने आई थी, जिसने गरीबी-चालारी और बेबसी का एहसास कराया। सूखे खेत आसमान से बरसती आग के बीच एक वृद्ध दंपति दिख रहे थे, लेकिन जो वे काम कर रहे थे वो आसाधारण था। उनके पास एक बैल था, जिसने अपने साथी को महज 3 दिन पहले आसमानी बिजली की चपेट में आने पर खो दिया था। उसका दर्द गहरा है और उसके मालिक का उससे भी कहीं ज्यादा! दर्द से उबरने और जीविका चलाने के लिए काम पर लौटना जरूरी था, लेकिन इस बार दो नहीं बल्कि एक बैल के साथ किसान काशीनाथ गायकवाड़ खेत पर पहुंचे थे। बैल को साथी चाहिए, जिसकी भरपाई बूढ़ी किसान ने की... किसान काशीनाथ गायकवाड़ बैल की जगह अपनी पत्नी हौसाबाई को जोत में बांधकर खेत की जुताई कर रहे थे। इस बेबसी पर किसी की नजर पड़ी और तस्वीर सरकार तक पहुंची। सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर तेज हुआ तो ऊपर वालों ने रहम खाई...

तमात दावों और हकीकत की पोल खोलती तस्वीर ने किसानों की दुर्दशा बयां की तो सरकार तक आवाज पहुंची। लिखा जा रहा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बार फिर संवेदनशीलता का परिचय दिया है। लातूर जिले के एक किसान परिवार पर आई मुश्किल की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल मदद के निर्देश दिए। बिजली गिरने से बैल की मौत हो जाने के कारण किसान को खेती का काम पूरा करने के लिए अपनी पत्नी को जोत में बांधना पड़ा था। यह खबर सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और कुछ ही घंटों में किसान परिवार को नया बैल और मुआवजे की राशि उपलब्ध कराई गई।

क्या था मामला

यह मामला लातूर जिले के देवणी तहसील के बोंबळी खुर्द गांव का है। यहां भूमिहीन किसान काशीनाथ गायकवाड़ के बैल की 5 जून को हुई तेज बारिश और बिजली गिरने की घटना में मौत हो गई थी। बैल की मौत के बाद किसान के सामने खेती का काम पूरा करने का बड़ा संकट खड़ा हो गया।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि काशीनाथ गायकवाड़ को खेत की जुताई और अन्य कृषि कार्यों के लिए अपनी पत्नी हौसाबाई को बैल की जगह जोत में बांधना पड़ा। इस घटना की तस्वीरें और खबरें सामने आने के बाद मामला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंचा।

मुख्यमंत्री ने तुरंत लातूर जिला प्रशासन, तहसील कार्यालय, कृषि विभाग और पशुपालन विभाग को किसान परिवार की मदद करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद सभी संबंधित विभाग सक्रिय हो गए। पशुपालन विभाग ने त्वरित प्रयास करते हुए किसान के लिए एक नया बैल उपलब्ध कराया। जिला प्रशासन और अधिकारियों की मौजूदगी में यह बैल सीधे गायकवाड़ परिवार को सौंप दिया गया। साथ ही बिजली गिरने से मरे बैल के लिए सरकारी मुआवजे की प्रक्रिया भी तत्काल पूरी की गई।

मुख्यमंत्री की इस त्वरित और संवेदनशील पहल से किसान परिवार को बड़ी राहत मिली है। गायकवाड़ परिवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली मदद से उनकी खेती बच गई। एक किसान परिवार की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई अब चर्चा का विषय बन गई है। इस मदद से न केवल किसान को राहत मिली, बल्कि प्रशासन की संवेदनशीलता का भी उदाहरण सामने आया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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