कोलकाता

अमित मालवीय का TMC पर आरोप-वोटरों को रोका गया, ईवीएम से हुई छेड़छाड़; अभिषेक बनर्जी की जीत को बताया धांधली

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी की डायमंड हार्बर सीट से रिकॉर्ड जीत को लेकर भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस जीत को जनता के समर्थन का नहीं, बल्कि 'संगठित चुनावी लूट' का परिणाम बताया है। मालवीय ने अपने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट में पूर्व प्रेसीडिंग ऑफिसर स्वपन मंडल के खुलासों का हवाला देते हुए दावा किया कि डायमंड हार्बर में चुनावी प्रक्रिया में व्यापक धांधली हुई।

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SIR के विरोध के कारणों को अभिषेक बनर्जी की जीत से जोड़कर किया पोस्ट (फाइल फोटो | PTI)

Photo : PTI

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी की डायमंड हार्बर सीट से रिकॉर्ड जीत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जीत जनता के समर्थन का नहीं, बल्कि 'संगठित चुनावी लूट' का नतीजा है।

'एक्स' पर किया पोस्ट

मालवीय ने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट में कहा कि पूर्व प्रेसीडिंग ऑफिसर स्वपन मंडल के खुलासे ने यह साफ कर दिया है कि यह 'रिकॉर्ड जीत' दरअसल प्रणालीगत धांधली का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह मामला न सिर्फ चुनावी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि टीएमसी के लोकतंत्र के प्रति खुले अपमान को भी उजागर करता है।

वोट देने से रोकने का आरोप

स्वपन मंडल के अनुसार डायमंड हार्बर में चुनाव के दौरान सुनियोजित तरीके से विपक्षी दल के मतदाताओं को मतदान से रोका गया था। मंडल के बयान के मुताबिक, इन मतदाताओं को मतदान से रोका गया, कई लोगों को घरों में बंद रखा गया और जो बूथ तक पहुंचे, उन्हें जबरन बाहर निकाल दिया गया।

ईवीएम से छेड़छाड़ का भी आरोप

ईवीएम मशीनों में विपक्षी उम्मीदवारों के बटन पर काला टेप चिपकाया गया, जिससे वे दब ही नहीं पाते थे और केवल टीएमसी का बटन ही काम करता था। प्रॉक्सी वोटिंग और फर्जी मतदान भी बड़े पैमाने पर हुआ। मृत व्यक्तियों और बाहर काम करने गए प्रवासियों के नाम पर वोट डाले गए। अमित मालवीय ने पूछा कि अगर सब कुछ पारदर्शी है तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव आयोग की 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)' प्रक्रिया का विरोध क्यों कर रही हैं?

SIR के विरोध के पीछे क्या हैं कारण

मालवीय के मुताबिक, स्वपन मंडल ने खुलासा किया है कि डायमंड हार्बर जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मृत, अनुपस्थित और संदिग्ध मतदाता सूची में शामिल हैं, जिससे टीएमसी का वोट प्रतिशत कृत्रिम रूप से बढ़ाया जा रहा है। मालवीय ने कहा कि अगर SIR के जरिए मतदाता सूची की पूरी तरह से सफाई हो गई, तो टीएमसी की फर्जी बढ़त का आधार ही खत्म हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यही वजह है कि ममता बनर्जी इस प्रक्रिया का विरोध कर रही हैं, क्योंकि यह उनके 'लूटतंत्र' की जड़ें हिला देगा।

SIR से आएगी असली जनादेश

अमित मालवीय ने कहा कि डायमंड हार्बर कोई अलग मामला नहीं है, बल्कि टीएमसी के 2026 विधानसभा चुनाव की रणनीति का मॉडल है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बहाली के लिए इस 'लूट मॉडल' को खत्म करना जरूरी है। मालवीय ने कहा, "अगर बंगाल में सच्चे अर्थों में लोकतंत्र को बचाना है, तो एक पारदर्शी और निष्पक्ष वोटर लिस्ट जांच (SIR) सुनिश्चित करनी होगी, ताकि बंगाल के लोगों का असली जनादेश सामने आ सके।" उन्होंने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट के जरिए इसे बंगाल की जनता की लोकतांत्रिक प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित करने की लड़ाई बताया।

इनपुट-आईएएनएस

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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