केरल में एक मासूम बच्चे के साथ हुई हैवानियत ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी हैं। राज्य के तिरुवनंतपुरम जिले में बीते 29 मई को दम तोड़ने वाले डेढ़ साल के बच्चे अर्शिद की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगलवार को सामने आ गई है। इस रिपोर्ट ने लंबे समय से मासूम पर ढाए जा रहे जुल्मों की ऐसी खौफनाक दास्तान बयां की है, जिसे देखकर डॉक्टरों की आंखें भी नम हो गईं। डॉक्टरों के मुताबिक, मौत से पहले इस नन्हे बच्चे को कई हफ्तों तक बेहद बेरहमी से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था। इस सनसनीखेज मामले में नेदुमंगाड पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे की मां अखिला और उसके लिव-इन पार्टनर अश्कर को गिरफ्तार कर लिया है। मृत मासूम अर्शिद, अखिला की पहली शादी से पैदा हुआ बच्चा था।
मासूम के शरीर पर शरीर पर मिले 51 घाव
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मासूम अर्शिद का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को उसके शरीर पर छोटे-बड़े कुल 51 जख्म मिले हैं। इन जख्मों में सिर पर लगी एक बेहद घातक चोट, शरीर के कई हिस्सों पर बाहरी घाव और अंदरूनी अंगों में भारी रक्तस्राव शामिल हैं। पुलिस ने मंगलवार को आधिकारिक तौर पर बताया कि सिर की गंभीर चोट और आंतरिक चोटों के कारण ही इस मासूम की जान गई है। चिकित्सा विज्ञानियों के निष्कर्षों के मुताबिक, मौत से पहले के आखिरी दो से तीन हफ्तों के दौरान बच्चे पर लगातार जानलेवा शारीरिक हमले किए जा रहे थे। बच्चे के शरीर पर कुछ घाव बिल्कुल ताजा थे और कुछ पुराने, जो यह साबित करते हैं कि उसे एक लंबे समय से समय-समय पर प्रताड़ना का शिकार बनाया जा रहा था।
दोनो हाथ टूटे थे, गर्म सलाखों से दागने के भी आरोप
जांचकर्ताओं के हाथ लगी मेडिकल रिपोर्ट में सबसे विचलित करने वाली बात यह सामने आई है कि मासूम बच्चे के दोनों हाथ टूटे हुए थे। कुछ हफ्ते पहले ही इन चोटों का अस्पताल में इलाज कराया गया था, जहां मां और उसके पार्टनर ने डॉक्टरों के सामने झूठा दावा किया था कि बच्चा सीढ़ियों से गिर गया था। हालांकि, पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि वह चोट भी किसी भारी हमले की वजह से ही लगी थी।
इस वीभत्स मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्चे के नाना-नानी ने उसके शव पर चोट के निशान देखकर गहरा संदेह जताया। बच्चे की नानी ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि जब अखिला बच्चे को उनके घर से अपने साथ लेकर गई थी, तब वह पूरी तरह स्वस्थ था और उसके शरीर पर कोई चोट नहीं थी। लेकिन उसके बाद जब भी वे बच्चे को देखते, उसके शरीर पर नए घाव नजर आते थे। परिजनों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि बच्चे के कोमल शरीर पर किसी गर्म चीज से जलाए जाने के गोल-गोल निशान भी मौजूद थे।
लिव-इन पार्टनर के रास्ते का कांटा बन रहा था मासूम
पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात निकलकर सामने आई है कि डेढ़ साल का यह बच्चा अखिला और अश्कर के एक साथ रहने के रास्ते में कथित तौर पर बाधा बन रहा था। यही वजह थी कि मुख्य आरोपी अश्कर आए दिन बच्चे के साथ बेरहमी से मारपीट करता था। सबसे शर्मनाक भूमिका बच्चे की सगी मां अखिला की रही, जो इस पूरी प्रताड़ना से अच्छी तरह वाकिफ होने के बावजूद न तो कभी अपने बच्चे को बचाने के लिए बीच-बचाव करती थी और न ही उसने कभी पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन को इसकी सूचना दी।
मनगढ़ंत कहानी बनाकर अस्पताल पहुंचे थे आरोपी
हादसे के दिन यानी 29 मई को आरोपी अश्कर ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई थी। उसने दावा किया था कि सोने जाने से पहले खाना खाने और पानी पीने के बाद बच्चे को अचानक तेज खांसी और उल्टी होने लगी थी। उसने कहा कि बच्चा अचानक बेहोश हो गया था, जिसके बाद वे उसे अस्पताल लेकर भागे। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम दम तोड़ चुका था और वहां के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट आते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और मनगढ़ंत कहानी को खारिज करते हुए हत्या का मुख्य मामला दर्ज कर दोनों को सलाखों के पीछे भेज दिया。 पुलिस ने अश्कर पर सीधे हत्या का आरोप लगाया है, जबकि बच्चे की मां अखिला पर भी प्रताड़ना को बढ़ावा देने की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
आरोपी का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड भी आया सामने
इस बीच, आरोपी अश्कर की पहली पत्नी अमीना के परिवार ने भी सामने आकर उसके बारे में खौफनाक खुलासे किए हैं। अमीना के परिजनों का आरोप है कि अश्कर पहले भी उनके साथ गंभीर घरेलू और शारीरिक हिंसा करता था, जिसके चलते उसकी पहली पत्नी करीब एक साल तक बिस्तर पर बेहोश रही थी। नेदुमंगाड पुलिस अब अश्कर को दोबारा कोर्ट से रिमांड पर लेने की योजना बना रही है ताकि इस क्रूर हत्याकांड के अन्य साक्ष्यों को जुटाया जा सके। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार को जब पुलिस की टीम सबूत इकट्ठा करने और सीन रिक्रिएशन के लिए अश्कर को उसके किराए के आवास पर ले गई, तो वहां मौजूद सैकड़ों स्थानीय लोगों की आक्रोशित भीड़ ने आरोपी पर हमला करने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद पुलिस बल ने बीच-बचाव कर आरोपी को भीड़ के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। फिलहाल मामले की जांच गहराई से जारी है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Cities News in Hindi) अपडेट और ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
