छतरपुर : ढोढन गांव में अवैध कब्जा हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने जमकर पथराव कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बचाव में आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित विस्थापित गांव ढोढन में प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने पहुंचा था। इसी दौरान मकान गिराने को लेकर विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों ने पुलिस व प्रशासनिक टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पथराव में कई पुलिसकर्मी और प्रशासनिक कर्मचारी घायल हो गए।
इस मामले में किशनगढ़ थाना पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अमित भटनागर, दिव्या अहिरवार समेत 150 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं 38 उपद्रवियों को नामजद आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, बलवा और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। अब तक 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
क्या बोले छतरपुर एसपी
छतरपुर एसपी रजत सकलेचा ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना के तहत बांध क्षेत्र में प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाना था और जिन लोगों के मकान आसपास या अन्य चिन्हित क्षेत्रों में बने हुए थे, उनकी पहचान पहले ही कर ली गई थी। इस संबंध में प्रशासन की ओर से घोषणा भी की गई थी। उन्होंने बताया कि जब पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने रणनीतिक रूप से पीछे हटते हुए सुरक्षित स्थान पर वापसी की।
एसपी के अनुसार मामले में चिन्हित सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 38 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि करीब 150 अज्ञात लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है। अब तक लगभग 21 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। रजत सकलेचा ने कहा कि आरोपियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की गई थी और उन्हें दोबारा इसकी जानकारी भी दी गई। इसके बाद पुलिस टीम फिर से गांव पहुंची और घोषणा की। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और दोबारा पथराव शुरू कर दिया।
स्थिति को नियंत्रित करने और भीड़ को पीछे हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। हालांकि इस पूरी घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
