कानपुर

Diwali 2024: कानपुर में ऐसे मनाई जाएगी दिवाली, प्रदूषण के डर से लिया गया ये फैसला; जानें कैसे जलेंगे पटाखे

Diwali 2024: कानपुर में बढ़ते प्रदूषण से आम लोग परेशान हैं। लिहाजा, अपील की जा रही है कि ग्रीन पटाखों का सभी इस्तेमाल करें। पर्यावरण का ख्याल रखते हुए ग्रीन पटाखे ही जलाएं।

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ग्रीन पटाखा सांकेतिक फोटो

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

कानपुर: शहर में लोग वायु प्रदूषण से परेशान हैं। लोगों को फिक्र है कि दिवाली के बाद इसमें और बढ़ोतरी होगी। ज्यादातर लोगों की अपील है कि पर्यावरण का ख्याल रख ग्रीन पटाखे जलाए जाएं। कानपुर के आम लोगों ने जिले में बढ़ रहे प्रदूषण का मुख्य कारण यहां से अवैध फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं को बताया है। साथ ही प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की सलाह भी दी।

बढ़ते प्रदूषण पर चिंता

कानपुर के रहने वाले आशीष वाजपेई ने बढ़ते प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों, बड़ों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। इसको लेकर काफी चीजों पर बैन लगाया जा रहा है। इतनी सारी फैक्ट्रियां चल रही हैं, कितनी सारी डीजल की गाड़ियां चल रही हैं, इसपर सरकार की तरफ से कभी कुछ सुनने को नहीं मिलता है और गाइडलाइन भी नहीं आती, लेकिन दीपावली के नजदीक आते ही सब जगह एक कॉमन न्यूज सामने आती है कि पटाखों को नहीं जलाया जाना चाहिए, ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

ग्रीन पटाखे जलाएं

उन्होंने लोगों से अपील की कि दीपावली पर ग्रीन पटाखे जलाएं, वो इतने हानिकारक नहीं होते हैं। दिल्ली में पटाखे जलाने पर बैन है और वहां पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ज्यादा हो रहा है, इसको लेकर राहगीर रवि अग्निहोत्री ने अनुरोध किया कि ज्यादा से ज्यादा ग्रीन पटाखों का उपयोग करें। अपने घर में बच्चों को ग्रीन पटाखे लाकर दें और अन्य जितने भी प्रदूषण वाले पटाखे हैं, उनका कम से कम इस्तेमाल करें।

उन्होंने आगे कहा कि लोगों को पटाखे को लेकर सचेत होना चाहिए। इससे हमारे पर्यावरण को बहुत नुकसान हो रहा है। लोगों को ये पता होना चाहिए कि अगर वो अपने बच्चों का भविष्य अच्छा बनाना चाहते हैं तो ईको फ्रेंडली और ग्रीन पटाखे ही जलाए। अन्य पटाखों से बुजुर्गों और सांस के मरीजों को बहुत तकलीफ होती है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को माने।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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