कानपुर

UP Weather Update: बरेली का पारा पहुंचा 7.8°C, कानपुर में 17 ट्रेनें लेट होने पर यात्रियों ने कैंसिल कीं टिकट

उत्तर प्रदेश में दिसंबर माह में कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। राजधानी लखनऊ समेत राज्य के कई जिलों में तेजी के साथ पारा लुढ़का है। इसमें सबसे ज्यादा बरेली ठंडा पाया गया है।

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फाइल फोटो

Photo : BCCL

कानपुर: यूपी में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो चुका है। हाल ही में हुई बारिश के बाद तेजी के साथ पारा लुढ़का है। यही कारण है रविवार को न्यूनतम तापमान औसत तापमान से 2 डिग्री कम 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार, यूपी के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इनमें से बरेली सबसे ज्यादा ठंडा पाया गया। कयास लगाए जा रहे हैं कि सोमवार से और ठंड बढ़ेगी।

कोहरे के कारण ट्रेनें लेट

वहीं, कोहरे के कारण कानपुर से निकलने वाली 17 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे देरी से पहुंच रही हैं। रेलवे स्टेशन पर यात्री गाड़ी का इंतजार करते बेचैन दिखे। ऐसे में बड़ी संख्या में यात्रियों ने टिकट कैंसिल कराई हैं। अभी तो कोहरे की मार कम है, लेकिन आने वाले सप्ताह में इसमें तेजी से बढ़ोतरी होगी। लिहाजा, ट्रेनों के संचालन में बड़ी समस्या के साथ लेट लतीफी का दौर जारी रह सकता है।

बर्फबारी से लुढ़केगा पारा

आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ एवं चक्रवात के अवशेष का प्रभाव समाप्त होने के साथ ही सतही स्तर पर हवा की दिशा पछुआ/उत्तरी-पश्चिमी हो जाने और आसमान से बादल छंटने से आसमान साफ हो गया है। यही कारण है कि रात के तापमान में तेजी से गिरावट शुरू हो गयी है। पिछले 24 घंटों के दौरान लखनऊ का न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। यह 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, हिमालय से एक पश्चिमी विक्षोभ टकराने वाला है। इससे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी शुरू होगी। बर्फबारी से और कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं।
Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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