कानपुर

Siddhanath Temple Corridor: कानपुर को भी काशी विश्वनाथ जैसे कॉरिडोर की सौगात, इस महीने से शुरू होगा निर्माण

यूपी के कानपुर में काशी विश्वनाथ जैसा कॉरिडोर बनने जा रहा है। आनंदेश्वर मंदिर कॉरिडोर की तर्ज पर नगर निगम अब सिद्धनाथ मंदिर कॉरिडोर का निर्माण कराने जा रहा है।

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फाइल फोटो

Photo : BCCL

कानपुर: शहर को चमकाने का काम तेजी से चल रहा है। मेट्रो के अलावा बेहतर सड़कें बनाने की कवायद चल रही है। अब आनंदेश्वर मंदिर कॉरिडोर की तर्ज पर नगर निगम सिद्धनाथ मंदिर कॉरिडोर का निर्माण भी कराने जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जनवरी से इस कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। पहले चरण में चार करोड़ रुपये से मंदिर के सुंदरीकरण के साथ पार्किंग और आसपास का विकास कार्य कराया जाएगा। द्वितीय चरण में भी चार करोड़ रुपये से फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए 26 दिसंबर को टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।

सिद्धनाथ मंदिर कॉरिडोर जाजमऊ का निर्माण

नगर निगम जनवरी से कार्य शुरू करने की तैयारी में है। द्वितीय चरण में भी चार करोड़ रुपये से फोरलेन सड़क का निर्माण कराने की मंशा है। पहले आनंदेश्वर मंदिर कॉरिडोर का निर्माण जारी है। इसके बाद अब सिद्धनाथ मंदिर कॉरिडोर जाजमऊ का भी निर्माण कराने की तैयारी है। इसके तहत रास्ता का चौड़ीकरण और मंदिर परिसर में 100 चार पहिया वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि सड़क पर वाहन पार्क न किए जाएं।

ऐसा दिखेगा सिद्धनाथ मंदिर कॉरिडोर

इतना ही नहीं सिद्धनाथ घाट मंदिर परिसर के अंदर भी सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। यहां आधुनिक लाइटें और बैठने की माकूल व्यवस्था की जाएगी। साथ ही भक्तों के लिए पेयजल का बेहतर इंतजाम होगा। नगर आयुक्त शिव शरणप्पा जीएन के आदेश पर जोन छह के अधिशासी अभियंता दिवाकर भास्कर ने कॉरिडोर के निर्माण के लिए खाका तैयार किया है। प्रथम चरण में चार करोड़ रुपये का खाका तैयार आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जा रही है।

टेंडर प्रक्रिया होगी शुरू

अधिशासी अभियंता के मुताबिक, 26 दिसंबर को टेंडर डाले जाएंगे। वहीं, दूसरे चरण में जाजमऊ पुलिस स्टेशन से दुर्गा मंदिर तक फोरलेन सड़क का निर्माण और रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। पहले चरण का कार्य जनवरी के पहले पखवारे में शुरू कर दिया जाएगा।
Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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