Kanpur Bara Devi Mandir: नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो चुका है। देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखनी को मिल रही है। कानपुर में भी कई चमत्कारिक और रहस्यमयी देवी मंदिर स्थित हैं। कानपुर के दक्षिण में स्थित बारा देवी का मंदिर प्राचीनतम मंदिरों में से एक माना जाता है। इस मंदिर के इतिहास के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं दे पाता है। बता दें कि, कानपुर और उसके आस- पास के जिलों में रहने वाले लोगों की इस मंदिर में गहरी आस्था जुड़ी हुई है।
बता दें कि नवरात्रि के दिनों में हजारों की संख्या में रोज भक्त माता के दर्शन करने के लिए आते रहते हैं। माता बारा देवी के दरबार में भक्त लाल चुनरी बांधते हैं और मन्नत पूरी हो जाने पर उसे खोल कर ले जाते हैं। इस मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्त माता को प्रसन्न करने के लिए बेहद खतरनाक तरीके से करतब भी दिखाते रहते हैं। कोई मुंह से आग के गोले निकालता हुआ दिखाई देगा तो कोई नुकीली धातु को गालों के आर-पार कर देने की कला दिखाता रहता है।
मंदिर का इतिहास सैकड़ों साल पुरानामिली जानकारी के अनुसार मंदिर के इतिहास के बारे में अब तक कोई भी पुख्ता जानकारी तो नहीं मिल सकी है। मंदिर के पुजारी और आसपास के लोगों का कहना है कि, एक बार एएसआई की टीम मंदिर के सर्वेक्षण के लिए आई हुई थी। उन्होंने मंदिर का सर्वेक्षण कर बताया कि, मूर्ति लगभग 15 से 17 सौ साल पुरानी है। बता दें कि बारा देवी मंदिर को यूपी के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
जानिए क्या है 12 बहनों की कहानी
मंदिर के पुजारी दीपक बताते हैं कि, पिता से हुई अनबन और उनके कोप से बचने के लिए घर से एक साथ 12 सगी बहनें घर से भाग गईं थीं। सारी बहनें कानपुर के किदवई नगर में स्वत: मूर्ति बनकर स्थापित हो गईं। कई सालों के बाद यही 12 बहनें बारादेवी नाम से प्रसिद्ध हो गईं। बताया जाता है कि, बहनों के श्राप देने की वजह से उनके पिता भी पत्थर के रूप में हो गए। इस मंदिर के आस-पास के इलाकों के नाम भी बारा देवी के नाम पर ही रख दिए गए हैं।
