कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में एक विवादास्पद मामला सामने आया है, जिसमें छात्रावास के छात्रों पर कूलर लगाने के लिए 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। छात्रों ने गर्मी से राहत पाने के लिए कूलर का उपयोग किया, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की। विश्वविद्यालय के डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर ने एक निरीक्षण के दौरान पाया कि कई छात्र बिना अनुमति के कूलर चला रहे थे।
कितना लगता है जुर्माना?
छात्रों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण उन्होंने कुछ समय के लिए कूलर का उपयोग किया, लेकिन वे कैमरे के सामने अपनी नाराजगी व्यक्त करने से बच रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 1 मार्च से 15 नवंबर के बीच कूलर चलाने की अनुमति दी है, जिसके लिए छात्रों को 5,000 रुपये का शुल्क जमा करना होता है। जो छात्र यह शुल्क नहीं जमा करते, उन्हें कूलर का उपयोग करने की अनुमति नहीं मिलती। हालांकि, 24 छात्रों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जो बिना अनुमति कूलर का उपयोग कर रहे थे।
छात्रों ने इस कार्रवाई का विरोध किया है, लेकिन विश्वविद्यालय के छात्रावास के प्रभारी मुनीश कुमार का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई है। इस मामले ने छात्रों के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है।
