कानपुर : भारत में न्याय के लिए वर्षों का संघर्ष कोई बड़ी बात नहीं। न्याय की आस में फरियादियों की जवान आंखे बूढ़ी हो जाती हैं। ऐसा ही एक मामला कानपुर शहर से कुछ किलोमीटर स्थित एक से सामने आया है, जहां एक नेत्रहीन महिला, पम्मी, को 30 वर्षों के संघर्ष के बाद अंततः न्याय मिला है। पम्मी ने अपने पिता द्वारा खरीदी गई भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। यह भूमि, जो लगभग 0.0330 हेक्टेयर है, बैरी अकबरपुर बांगर गांव में स्थित है। पम्मी ने अपनी समस्या को डीएम के जनता दर्शन में उठाया, जहां उन्होंने अपनी जमीन पर कब्जा दिलाने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने 30 साल पहले यह भूमि खरीदी थी, लेकिन आस-पड़ोस के लोगों ने उस पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था।
भूमि पर कब्जा दिलाया
पम्मी ने यह भी बताया कि उनके भाई की स्वास्थ्य स्थिति खराब है और परिवार का गुजारा मुश्किल से हो रहा है। इस भूमि पर दुकान बनाकर वह अपने परिवार का भरण-पोषण करना चाहती थीं। डीएम ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया और एसडीएम तथा तहसीलदार को मौके पर भेजा। निरीक्षण के बाद, पम्मी को उसकी पूरी भूमि पर कब्जा दिलाया गया और अवैध कब्जा करने वालों को चेतावनी दी गई।
पम्मी अब खुश हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी का धन्यवाद किया। जिलाधिकारी ने कहा कि उनकी कोशिश है कि जनता दर्शन में आने वाले सभी लोगों को न्याय मिल सके।
