कानपुर

Kanpur: भारत और स्कॉटलैंड मिलकर साफ करेंगे देश की नदियां, जेम्स हटन इंस्टीटयूट के साथ आईआईटी करेगा नए प्रयोग

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 27, 2023, 07:29 PM IST

Kanpur Rivers News : अब नदियों को साफ करने के लिए भारत और स्कॉटलैंड के विशेषज्ञ मिलकर काम करेंगे। आईआईटी के सेंटर फॉर रिवर बेसिन मैनेजमेंट एंड स्टडीज (सी- गंगा) के वैज्ञानिक स्कॉटलैंड के विशेषज्ञों की मदद से नदियों के संरक्षण की परियोजनाओं में आने वाली चुनौतियों का समाधान तलाशेंगे।

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भारत-स्कॉटलैंड मिलकर साफ करेंगे नदियां

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • भारत और स्कॉटलैंड के विशेषज्ञ मिलकर साफ करेंगे नदियां
  • आईआईटी नदी संरक्षण के लिए करेगा नया प्रयोग
  • गंगा और क्लाइड पर्यावरण एवं आर्थिक भागीदारी फोरम का गठन


Indian Rivers: भारत और स्कॉटलैंड के विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक मिलकर दोनों देश की नदियों को साफ करेंगे। मुख्य नदियों से शुरुआत होगी। भारत में गंगा और स्कॉटलैंड में क्लाइड नदी को सबसे पहले संरक्षित किया जाएगा। गंगा और क्लाइड पर्यावरण एवं आर्थिक भागीदारी फोरम का गठन भी किया गया है। यह निर्णय स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित एक कार्यशाला में लिया गया। आईआईटी कानपुर के सेंटर फॉर रिवर बेसिन मैनेजमेंट एंड स्टडीज (सी-गंगा) की ओर से इसका आयोजन किया गया था।

कार्यशाला में तय किया गया कि सी-गंगा के वैज्ञानिक स्काटलैंड के विशेषज्ञों की मदद से नदियों के संरक्षण की परियोजनाओं में आने वाली चुनौतियों का समाधान करेंगे। स्काटलैंड की क्लाइड और देश में गंगा नदी के संरक्षण और अविरलता को बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञों ने चर्चा की।

गंगा की सफाई पर 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च

सी-गंगा के संस्थापक प्रो. विनोद तारे के अनुसार, दोनों देशों के ज्ञान और प्रौद्योगिकी की साझेदारी से नदी संरक्षण की दिशा में चुनौतियों का सामना करने में सहायता मिलेगी। आईआईटी नदी संरक्षण के लिए स्कॉटलैंड के जेम्स हटन इंस्टीटयूट के साथ मिलकर नए प्रयोग करेगा। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने साल 2014 से गंगा की सफाई पर 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं। इसमें उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा धनराशि आवंटित की गई है। स्वच्छ गंगा के लिए राष्ट्रीय मिशन ने राष्ट्रीय गंगा परिषद को इस संबंध में सूचना दी है।

4,205.41 करोड़ रुपये यूपी को जारी किए

विवरण के मुताबिक, केंद्र ने वित्तीय वर्ष 2014-15 से 31 अक्टूबर, 2022 तक राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) को कुल 13,709.72 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उस राशि का ज्यादातर 13,046.81 करोड़ रुपये राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा खर्च किया गया है। इसमें से 4,205.41 करोड़ रुपये यूपी को जारी किए गए, जो राज्यों में सबसे ज्यादा है। गंगा की 2,525 किलोमीटर लंबाई का करीब 1,100 किलोमीटर उत्तर प्रदेश में पड़ती है। जून 2014 में केंद्र सरकार ने 20,000 करोड़ रुपये के कुल बजटीय परिव्यय के साथ नमामि गंगे कार्यक्रम शुरू किया था।
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