फतेहपुर के लेखपाल ने शादी से एक दिन पहले आत्महत्या की (सांकेतिक फोटो: iStock)
Fatehpur News: कानपुर से सटे फतेहपुर जिले में तैनात एक लेखपाल ने अपनी शादी से ठीक एक दिन पहले कथित रूप से आत्महत्या कर ली। मृतक के परिवार ने आरोप लगाया कि संबंधित कानूनगो ने उसे आत्महत्या के लिए उकसाया, जिसके बाद पुलिस ने कानूनगो के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने इस घटना की जानकारी बुधवार को दी। इस घटना के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के सदस्यों ने धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने अधिकारियों पर अत्यधिक कार्यभार थोपने और छुट्टियां न देने का आरोप लगाते हुए लगभग नौ घंटे तक शव का पोस्टमार्टम रोक दिया। पुलिस के अनुसार, फतेहपुर के बिंदकी तहसील के खजुआ ब्लॉक में लेखपाल के पद पर तैनात 28 वर्षीय सुधीर कुमार का शव मंगलवार सुबह उनके घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। जानकारी के अनुसार, कुमार की शादी बुधवार को होने वाली थी और सोमवार को वह हल्दी और मेहंदी की रस्मों के लिए छुट्टी पर थे।
पुलिस के अनुसार, सुधीर को हाल ही में जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र में चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य के लिए पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई थी। सुधीर की बहन, अमृता सिंह, ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि राजस्व अधिकारी शिवराम मंगलवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उनके घर पहुंचे। उन्होंने सुधीर को ड्यूटी से ‘अनुपस्थित’ रहने के लिए सार्वजनिक रूप से डांटा और निलंबन व नौकरी से बर्खास्तगी की चेतावनी दी। अमृता ने यह भी बताया कि शिवराम ने कहा कि सुधीर को पैसा देकर किसी और से चुनाव ड्यूटी करवा लेनी चाहिए। इस घटनाक्रम के बाद सुधीर अपने कमरे में चले गए और जब उन्हें आवाज दी गई तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा, तो सुधीर फंदे पर लटके हुए पाए गए।
घटना की जानकारी मिलने पर सुधीर की मंगेतर काजल मौके पर पहुंची और पत्रकारों से बताया कि सुधीर पिछले कुछ दिनों से चुपचाप और उदास रहते थे और बार-बार काम के अत्यधिक दबाव की शिकायत करते थे। सुधीर के अचानक निधन से नाराज उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के सदस्यों ने उनके घर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और लगभग नौ घंटे तक शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने कानूनगो के अलावा सहायक पीठासीन अधिकारी और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की। लेखपालों के दबाव के बाद कानूनगो शिवराम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, लेकिन अभी उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
लेखपाल संघ ने इसे केवल मामूली कार्रवाई बताते हुए मुकदमे में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं जोड़ने की मांग की है। फतेहपुर के अपर जिलाधिकारी अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि सुधीर ने रविवार को तीन दिन की छुट्टी के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें दस दिन की छुट्टी स्वीकृत कर दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि कानूनगो शिवराम केवल एसआईआर फॉर्म लेने के लिए सुधीर के घर गए थे। अपर जिलाधिकारी ने मामले की गहन और विस्तृत जांच शुरू होने की पुष्टि की।
(इनपुट - भाषा)