Kanpur News: यूपी के कई बड़े शहरों में डॉग बाइट की लगातार बढ़ रही घटनाओं से चिंतित कानपुर नगर निगम ने अब एक बड़ा फैसला लिया है। राजधानी लखनऊ के बाद कानपुर यूपी का ऐसा दूसरा बड़ा शहर बन गया है। जहां पर खतरनाक प्रजाति के डॉग्स के पालने पर बैन लगाया गया है। इसके लिए बाकायदा महापौर प्रमिला पांडेय की मौजूदगी में हुई निगम की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया है। कानपुर नगर निगम में सदन की हुई हंगामेदार कार्यवाही के बीच जनता से जुड़ी कई अहम योजनाओं को हरी झंडी मिली। इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय ये हुआ कि, शहर में अब रॉटविलर व पिटबुल नस्ल के डॉग घरों में पालने पर प्रतिबंध रहेगा।
वहीं प्रस्ताव में ये हिदायत भी दी गई है कि, अगर किसी घर में इन दो प्रजातियों के डॉग पाए जाते हैं तो पांच हजार के जुर्माने के साथ ही डॉग को भी सीज किया जाएगा। बता दें कि, गत गुरुवार को गंगा के घाट पर एक पिटबुल ने गाय पर अटैक कर दिया था। इसके अलावा भी निगम की ओर से शहर में एक लाख की संख्या पार कर चुके स्ट्रीट डॉग की बर्थ कंट्रोल को लेकर योजना चलाई जा रही है।
इन प्रस्तावों पर भी हुई चर्चा
निगम की ओर से जारी की गई अधिकारिक सूचना के मुताबिक शहर के फूलबाग स्थित नानाराव पार्क में सुबह और शाम टहलने वालों को अब कोई शुल्क नहीं देना होगा। एंट्री फीस प्रात: 10 से शाम 5 बजे तक ही लगेगी। वहीं निगम की ओर से सदन की बैठक में गृहकर को अक्टूबर तक जमा करवाने पर 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। वहीं हाउस टैक्स के लिए किए गए सर्वे में गड़बड़ियों की मिल रही शिकायतों को लेकर महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि, संबंधित कंपनी पर भी कार्रवाई करने की तैयारी चल रही है। कंपनी की ओर से सर्वे में ट्रांसपेरेंसी नहीं रखी गई। इसे लेकर नवरात्रि के बाद शहर के वार्डों में शिविर लगाने की बात कही गई है। वहीं महापौर ने कमिश्नर सूर्यकांत त्रिपाठी व डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है। बैठक के दौरान शहर के कई इलाकों में विकास का मुद्दा उठा तो महापौर ने मुख्य अभियंता को एक सप्ताह में शहर में रूके पड़े विकास के कामों को दोबारा शुरू करने की बात कही।
