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मिसाल : दहेज लोभी नहीं, विकास जैसे लोग हैं समाज के आदर्श, कानपुर के बेटे ने सिर ऊंचा कर दिया

एक तरफ दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या के मामले सुर्खियों में छाए हुए हैं और दूसरी तरफ कानपुर के एक बेटे ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है कि शहर और राज्य ही नहीं, देश का नाम ऊंचा कर दिया।

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कानपुर के युवक ने पेश की मिसाल

दहेज के लिए कितनी ही बेटियों की बलि चढ़ गई। कितनी ही बेटियों ने ससुराल में प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। हाल के दिनों में नोएडा की बेटी ट्विशा की भोपाल में मौत का मामला काफी सुर्खियों में है। इस मामले में कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि समाज में सिर्फ दहेज लोभी ही रहते हैं। कुछ ऐसे लोग भी होते हैं तो यह विश्वास करने पर मजबूर करते हैं कि इंसानियत जिंदा है। वह अच्छाई और नेकी की मिसाल बन जाते हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से सामने आया है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

दिल को छू लेने वाली यह खटना कानपुर के घाटमपुर जगन्नाथपुर गांव से सामने आई है। गांव के जगदीश की बेटी गरिमा की शादी कानपुर के ही रहने वाले विकास से तय हुई थी। शादी के ठीक एक दिन पहले घर में खुशी का माहौल था। मेहंदी की रश्म चल रही थी। इसी दौरान गैस सिलेंडर लीक होने से घर में आग लग गई। घर में लगी इस आग की चपेट में दुल्हन श्वेता, उनके पिता जगदीश और परिवार के 22 लोग आ गए और सभी झुलस गए।

इस मुश्किल घड़ी में दूल्हे विकास हिंस ने रिश्ते की डोर को मजबूती से पकड़े रखा और अच्छाई व नेकी की अनूठी मिसाल पेश की। आमतौर पर शादी से पहले ऐसी किसी अनहोनी के बाद शादी कैंसिल हो जाती है। विकास के रिश्तेदारों ने भी शादी टालने की सलाह दी। किसी ने इसे भगवान की मर्जी बताया तो कोई बड़ा अपशकुन कहकर शादी कैंसिल करने के लिए दबाव बनाने लगा। लेकिन विकास पर इस सब का कोई असर नहीं पड़ा।

सभी सुझावों और दबावों को झेलते हुए दूल्हे विकास ने हर हाल में अपनी दुल्हन श्वेता का साथ निभाने का फैसला किया। विकास ने अपने ससुर जगदीश को फोन किया और तय तारीख पर ही शादी करने की अपनी मंशा बता दी। जगदीश का कहना है कि उस वक्त हम दर्द में थे, एक तो जलने का दर्द और दूसरा बेटी की शादी को लेकर आशंका। उन्होंने कहा, जब दामाद विकास का ये फैसला सुना तो हैरानी भी हुई और दिल को सुकून भी मिला।

दुल्हन के पिता ने बताया कि फिर आनन-फानन में अस्पताल में ही शादी की व्यवस्था की गई। 14 मई को कानपुर के ही एक अस्पातल में दोनों की शादी हुई। व्हील चेयर पर बैठी दुल्हन ने विकास को जयमाला पहनाई। अस्पताल प्रशासन भी इस शादी को लेकर काफी उत्साहित दिखा। अस्पताल प्रशासन ने इस शादी के लिए अस्पताल को सजाया और व्यवस्था में साथ दिया।

इस विवाह की हर तरफ खूब चर्चा हो रही है। इस पूरी कहानी से आपको सूरज बड़जात्या की (शाहिद कपूर-अमृता राव) फिल्म 'विवाह' याद आ गई होगी। फिल्मी पर्दे पर जो हुआ, बिल्कुल वैसा ही कानपुर के विकास ने करके अलग ही मिसाल पेश की। अब भी इस विवाह की बात करके परिवार के लोगों की आंखें नम हो जाती हैं।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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