Kanker IED Blast: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले (Chhattisgarh Naxal attack) में शहीद जवानों को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। कांकेर-नारायणपुर सीमा पर नक्सल विरोधी अभियान के दौरान आईईडी ब्लास्ट में शहीद हुए DRG के जवान संजय गढ़पाले और कृष्ण कुमार कोमरा के पार्थिव शरीर जब उनके गांव पहुंचे, तो वहां का माहौल बेहद भावुक हो गया। दोनों शहीदों के गांव हाराडूला, लोहत्तर और बरेठीन में शोक की लहर फैल गई। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचे, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, परिजन और आसपास के लोग अंतिम दर्शन के लिए इकट्ठा हो गए।
लोगों ने अपने वीर सपूतों को नम आंखों से दी विदाई
हर किसी की आंखें नम थीं और 'शहीद अमर रहें' के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। लोगों ने अपने वीर सपूतों को नम आंखों से विदाई दी। जानकारी के अनुसार, शनिवार को सुरक्षा बलों की टीम कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर (Narayanpur border incident) पर सर्चिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान उन्हें नक्सलियों (anti naxal operation) द्वारा लगाया गया एक आईईडी मिला। जब जवान उसे निष्क्रिय करने की कोशिश कर रहे थे, तभी अचानक विस्फोट हो गया। इस हादसे में कुल चार जवान शहीद हो गए, जिनमें संजय गढ़पाले और कृष्ण कुमार कोमरा भी शामिल थे।
अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षाबलों ने शहीद जवानों को दिया गार्ड ऑफ ऑनर
अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षाबलों ने शहीद जवानों को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी। पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव में मौजूद हर व्यक्ति भावुक नजर आया और शहीदों के साहस को याद किया। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे जवान किस तरह अपनी जान की बाजी लगाते हैं। शहीदों की कुर्बानी को हमेशा याद रखा जाएगा और उनका बलिदान देश के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
