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गर्मी-लू के बीच मानसून की एंट्री! 24 घंटे में 15 राज्यों में आंधी-बारिश; जानें कैसा रहेगा कल मौसम

अगले कई दिनों तक गर्मी और लू के बीच बादलों के बरसने से मौसम में मामूली तब्दीली की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर भारत के राज्यों में अगले कुछ घंटे तक मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना व्यक्त है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के असर से आंधी-बारिश का पूर्वानुमान है। उधर, दक्षिण भारत के साथ पूर्वोत्तर और महाराष्ट्र में तूफानी हवाओं के साथ बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

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आज-कल का मौसम

देशभर में गर्मी और लू के कहर ने सिरदर्द बढ़ा रखा है। खासकर, उत्तर और मध्य भारत में तापमान का बढ़ता ग्राफ चिंता का सबब बनता जा रहा है। हालांकि, मौसम विभाग ने वीकेंड पर भीषण गर्मी के बीच हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और बिहार के कुछ हिस्सों पर बादलों की आवाजाही और धूल भरी आंधी के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है, जबकि यूपी और एमपी समेत सभी राज्यों में अधिकतम तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच हीटवेव का असर बरकरार रहेगा। इधर, पहाड़ों पर एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव है, जिसके असर से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय हिस्सों पर बारिश-बर्फबारी व ओलावृष्टि की चेतावनी है। स्काईमेट ने पश्चिमी घाट के हिस्सों के साथ महाराष्ट्र और गोवा में बारिश की संभावना व्यक्त की है। वहीं, अरब सागर, अंडमान और निकोबार, बंगाल की खाड़ी में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के बाद तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में आंधी-बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। उधर, पूर्वोत्तर में भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर दिखाई दे सकता है।

दिल्ली-एनसीआर का मौसम

दिल्ली-एनसीआर में शनिवार की सुबह अचानक बदले मौसम से गर्मी से त्वरित राहत मिली। हालांकि, दोपहर चढ़ते ही सूरज की तपिश ने फिर से परेशान किया, लेकिन तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ हिस्सों पर तेज हवाएं चल सकती हैं और बूंदाबांदी या हल्की बौछारें मौसम का मिजाज बदल सकती हैं। इन सबके बीच अगले 5 दिन तक लू का अलर्ट भी जारी है। आईएमडी की मानें तो शनिवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास की संभावना है। अगर, बात पॉल्यूशन की करें तो एक्यूआई 200 के आसपास है।

राजस्थान में मौसम कैसा है

राजस्थान के अधिकांश जिलों में गर्मी का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने रविवार से और भीषण गर्मी होने का अनुमान जताया है। जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। फिलहाल, राज्य के कुछ हिस्सों पर 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूल भरी हवाएं चल रही हैं, जिससे गर्मी से आंशिक राहत मिली। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस चित्तौड़गढ़ टॉप पर है। इस बीच कुछ हिस्सों पर बादलों की आवाजाही और बूंदाबांदी के संकेत भी दिए गए हैं।

24 मई (रविवार) का तापमान

शहर का नामन्यूनतम तापमानअधिकतम तापमान
दिल्ली 29°C39°C
मुंबई30°C34°C
चेन्नई30°C34°C
बेंगलुरु22°C28°C
कोलकाता29°C37°C
रांची26°C37°C
पटना28°C41°C
लखनऊ28°C42°C
चंडीगढ़27°C39°C
जयपुर30°C41°C
भोपाल30°C41°C
देहरादून23°C36°C
शिमला19°C28°C
कश्मीर8°C17°C

दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 23 मई को अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कई हिस्सों में प्रवेश कर गया है, जिसके बाद दक्षिण भारत के तटीय भागों पर मौसम का मिजाज बदल सकता है। अधिकांश हिस्सों पर तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। अगले 2 दिन तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्ष्यद्वीप, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना समेत पश्चिमी घाट के हिस्सों पर बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। अगले कई दिनों तक तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश हो सकती है। इस मौसम का असर महाराष्ट्र और गोवा में भी बारिश की संभावना बढ़ गई है।

पूर्वोत्तर भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन

पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिन तक मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से असम, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों पर 70 की रफ्तार से हवा चलने और बारिश का असर बढ़ सकता है। हालांकि, कई अधिकांश राज्यों के कुछ हिस्सों को छोड़कर हीटवेव और भीषण गर्मी की चेतावनी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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