उत्तर भारत बादलों की गिरफ्त में है और कई हिस्सों पर बेमौसम मौसमी गतिविधियां जारी हैं और तेज हवाओं से गिर रहे तापमान से दिन में ठंडक का एहसास हो रहा है। आईएमडी का पूर्वानुमान है कि अगले कुछ घंटों तक हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में मेघ गर्जन के साथ तेज आंधी और बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं आकाशीय बिजली और ओले गिरने की चेतावनी है। अगले 72 घंटों की अवधि में पहाड़ों पर मजबूत पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा, जिससे हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश के साथ बर्फबारी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। स्काईमेट ने बताया कि 21 मार्च को पूर्वोत्तर में असम, सिक्किम, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और झारखंड में मेघ गर्जन के साथ वर्षा हो सकती है। वहीं, दक्षिण भारत के एक से दो राज्यों में पानी बरसने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दिन और रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की बात कही है।
दिल्ली में मौसम कैसा रहेगा
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी के बीच सर्दी की एंट्री हो गई है! पिछले 3 दिन से बादलों की मेहरबानी से मौसम सुहावना हो गया है। तेज रफ्तार से बह रही हवाओं और आंधी के साथ गिरी बौछारों ने तापमान पर गहरी चोट मारी है, जिससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान कई डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़क गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए गरज-चमक के साथ मौसमी गतिविधियां होने का येलो अलर्ट घोषित किया है। इस दौरान आकाशीय बिजली कड़कने और ओले गिरने की भी चेतावनी है। लिहाजा, खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की आवाश्यकता होगी। फिलहाल 21 मार्च तक न्यूनतम तापमान 15-16 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। आईएमडी ने अगले एक सप्ताह तक दिन का तापमान सामान्य से कम या आसपास बने रहने की संभावना जताई है। फिलहाल, लू की स्थिति नहीं है। बारिश और हवाओं की गति अधिक होने से हवा की क्वालिटी में सुधार हुआ है, जिससे एक्यूआई 130 के आसपास पहुंच गया है।
पंजाब-हरियाणा का मौसम
हरियाणा और पंजाब में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया है। हालांकि, आंधी- भारी बारिश और ओलावृष्टि से गेंहू समेत कई अन्य फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। हालांकि, न्यूनतम और अधिकतम तापमान कई डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया है, जिससे दिन में भी सर्दी का एहसास हो रहा है। खासकर, चंडीगढ़ में 12 सबसे कम और अधिक 18 डिग्री सेल्सियस तापमान बना हुआ है। आईएमडी ने बताया कि हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, सोनीपत, महेंद्रगढ़, फरीदाबाद, हिसार, गुरुग्राम, फरीदाबाद, फतेहाबाद, भिवानी, रेवाड़ी और पानीपत समेत कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चली और झमाझम बारिश के साथ कई जगह ओले गिरे, जिससे मौसम ठंडा हो गया है।
यूपी में कल का मौसम
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से पर मौसम पूरी तरह से बदला हुआ है। बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं के साथ गिरी बौछारों से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की कमी आई और लोगों को गर्मी के बजाय सर्दी का एहसास हो रहा है। आईएमडी ने अगले कुछ घंटों के दौरान मेरठ, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं, संभल, हापुड़, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, बुलंदशहर, आगरा, मथुरा, हाथरस, कासगंज, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, कन्नौज, औरैया और कानपुर के कुछ भागों पर आंशिक तौर पर बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं बूंदाबांदी तो कहीं हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। इस दौरान आकाशीय बिजली कड़कने और ओलावृष्टि का अलर्ट है। हालांकि, अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहेगा और गर्मी महसूस होगी।
बिहार में मौसम कैसा रहेगा
बिहार में मौसम का रुख नर्म है और बादलों की आवाजाही बनी हुई है। पिछले 48 घंटे के दौरान कई जिलों में आंधी-बारिश से तापमान कई डिग्री सेल्सियस गिरा है, जिससे लोगों को त्वरित गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग की मानें तो 21 मार्च को भी कुछ जिलों में मौसम का आंशिक प्रभाव रहेगा। खासकर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया और बांका में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी है। इस दौरान ठनका का भी खतरा जताया गया है। वहीं, पटना, गया, दरभंगा, नालंदा, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, अरवल, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, नवादा, जमुई, शेखपुरा, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर, मुंगेर, बेगूसराय और खगड़िया में भी आंशिक असर रह सकता है।
राजस्थान में बारिश होगी क्या
राजस्थान में पिछले 72 घंटों से मौसम काफी राहत दी है। राज्य के कई जिलों पश्चिमी विक्षोभ के असर से आंधी केसाथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से पूर्णतया राहत मिली। आईएमडी की मानें तो सर्वाधिक 25 मिलीमीटर बारिश बीकानेर के नोखा में हुई। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान भरतपुर, जयपुर संभाग के कुछ भागों में हल्ली बारिश हो सकती है और शेष भागों में मौसम शुष्क रह सकता है। वहीं, 22 मार्च को भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं और बारिश के साथ ओले गिरने और बिजली गिरने का खतरा जताया है।
एमपी का मौसम कैसा है
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से मध्य प्रदेश का मौसम बदला रहेगा। पिछले कुछ घंटों के दौरान कई जिलों में आंधी-बारिश और कई स्थानों पर ओले गिरे और तापमान में गिरावट आई। हालांकि, बारिश और हवाओं ने फसलों को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। आईएमडी ने अगले कुछ घंटों के दौरान तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने बताया कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के सक्रिय होने से भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां हो रही हैं। फिलहाल, 21 मार्च तक राज्य के करीब 30 जिलों में आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।
पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव
पश्चिमी विक्षोभ का लगातार प्रभाव जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिस्सों पर है, जिससे काले घने बादल छाए हुए हैं और तेज बर्फीली हवाओं के साथ बारिश-बर्फबारी व ओलावृष्टि का सिलसिला जारी है, जिससे न्यूनतम तापमान कई डिग्री सेल्सियस नीचे है, जिससे लोगों को सर्दी का एहसास हो रहा है। आईएमडी ने अगले 5 दिन तक तीनों राज्यों के पर्वतीय भागों पर मौसमी गतिविधियां जारी रहेंगी। हालांकि, मैदानी इलाकों में आंशिक प्रभाव ही रहेगा और किसी बड़े मौसमी उलटफेर की गुंजाइश नहीं है।
केरल-तमिलानाडु में बारिश
दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का प्रभाव बना हुआ है, जो प्री मानसून के संकेत दे रहा है। आईएमडी ने बताया कि गर्मी के मौसम के बीच प्रायदीप में मौसम का रौद्र रूप दिखाई दिया। खासकर, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु एवं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि की घंटनाएं दर्ज की गईं। फिलहाल, तटीय हिस्सों पर मौसम बदला रहेगा और बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। मौसमी गतिविधियों के कारण अभी लू हीटवेव और भीषण गर्मी से मामूली राहत रहेगी।
पूर्वोत्तर में बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में भी साइक्लोन का आंशिक प्रभाव देखा जा रहा है, जिसका ज्यादा प्रभाव ओडिशा, असम और सिक्किम पर है। कई स्थानों पर बारिश व बर्फबारी रिकॉर्ड की गई और अधिकांश भागों पर मौसम शुष्क रहा। फिलहाल, अगले कई दिनों तक मौसमी गतिविधियां होने का पूर्वानुमान है, जो प्री मानसून के संकेत दे रहा है। इधर, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट घोषित है।
21 मार्च शनिवार का तापमान
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 16°C | 28°C |
| चंडीगढ़ | 12°C | 19°C |
| मुंबई | 24°C | 29°C |
| चेन्नई | 26°C | 31°C |
| हैदराबाद | 21°C | 32°C |
| कोलकाता | 21°C | 32°C |
| भोपाल | 17°C | 30°C |
| जयपुर | 14°C | 25°C |
| लखनऊ | 17°C | 28°C |
| पटना | 20°C | 33°C |
| रांची | 17°C | 31°C |
| देहरादून | 8°C | 13°C |
| शिमला | 4°C | 10°C |
| कश्मीर | 2°C | 6°C |
हीटवेव क्या है?
मार्च की शुरुआत से ही अधिकांश राज्यों में तापमान बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिन में तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और रायमसीला में दिन का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। अगले 10 दिन में 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मैदानी इलाकों में हीटवेव के 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना आवश्यक है, जो सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होना चाहिए। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30 डिग्री सेल्सियस निर्धारित है। इस दौरान डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और जानलेवा हीटस्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है। ले चलमे से चक्कर आना, बेहोशी इत्यादि आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
गर्मी कहां पड़ रही
देश के अधिकांश भागों पर तापमान में बढ़ोतरी जारी है। हालांकि, अभी भी हिमालयी राज्यों पर बर्फबारी से मौसम सर्द है, लेकिन उत्तर भारत में न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। लिहाजा, अगले सप्ताह तक मौसम काफी गर्म महसूस होगा। फिलहाल, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और गुजरात, महाराष्ट, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकांश भागों पर गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है। जल्द ही कुछ राज्यों में लू और सनबर्न का अलर्ट जारी हो सकता है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मी का सीजन शुरू होने के संकेत मिलने लगे है। लिहाजा गर्मियों के सीजन से बचाव के लिए सनबर्न का अलर्ट जारी किया जाता है। दरअसल, एक्सपर्ट के मुताबिक, सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक माना जाता है। चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के अधिक संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द महसूस होता है। यानी की अधिकांश केस में स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क प्रतीत होता है।
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