मौसम के लिहाज से मौजूदा सप्ताह काफी बदलाव भरा रहेगा। आधे से ज्यादा देश में लगातार तापमान बढ़ने से भीषण गर्मी और लू का प्रकोप बढ़ेगा। आईएमडी का अनुमान है कि कुछ राज्यों में अधिकतम पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। हालांकि, अगले 48 घंटे के दौरान पूर्वोत्तर भारत में निम्न दबाव क्षेत्र के बने रहने से मौसमी गतिविधियां होने का अनुमान है। खासकर अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड और ओड़िशा और मेघालय के कुछ हिस्सों पर 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाए (आंधी) चलने और बादलों की गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट घोषित है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का खतरा रहेगा। उधर, दक्षिण भारत में भीषण लू के बीच तटीय भागों पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन का प्रभाव रहने से केरल में हल्की बारिश के आसार हैं। इसी बीच पहाड़ों पर 16 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में अधिक व उत्तराखंड में आंशिक असर दिखाई देगा और कई ऊंचाई वाले स्थानों पर तेज आंधी के साथ बारिश, बर्फबारी और ओले गिरने का पूर्वानुमान है। इधर, समूचे उत्तर भारत में तापमान में बढ़ने से यूपी, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में गर्मी परेशान कर सकती हैं एवं कहीं-कहीं लू की स्थितियां बनती दिख रही हैं। हालांकि, 19 अप्रैल के बाद आंशिक तौर पर मौसम बदल सकता है।
यूपी में कल का मौसम
उत्तर प्रदेश में मौसम गर्म हो चला है। रोजाना न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को गर्मी का एहसास हो रहा है। दिन में तेज पछुआ गर्म हवाएं बहने से लू की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंचते ही हीटवेव का अलर्ट घोषित किया जाएगा। हालांकि, बुंदेलखंड के बांदा में हीटवेव का अलर्ट जारी है, जहां तापमान 42 डिग्री पहुंच गया है। आने वाले दिनों में और पारा चढ़ने की संभावना है। लिहाजा लोगों को लू के थपेड़ों से बचने की जरूरत होगी। उधर, बिहार में भी कमोबेश ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। अगले सप्ताह से लू की गतिविधियां जोर पकड़ेंगी।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम कैसा रहेगा
दिल्ली-एनसीआर में सूरज अपनी चमक बिखेर रहा है। पिछले कई दिनों से मौसम साफ रहने से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिन में सतही गर्म पछुआ हवाएं आने वाले दिनों में लू के संकेत दे रही हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि इस पूरे सप्ताह मौसम शुष्क रहेगा। आईएमडी के मुताबिक, अगले 5 दिन तक अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 21 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच हवा की क्वालिटी साफ होती नहीं दिख रही है। हालांकि, 19 अप्रैल से बादलों की गरज-चमक के साथ पूरे एनसीआर में हल्की आंधी और बारिश की संभावना व्यक्त की जा रही है, जो गर्मी से त्वरित राहत मिल सकती है।
नोएडा-गाजियाबाद में कितना प्रदूषण?
समूचे एनसीआर में एक्यूआई 300 के आसपास है, जो गंभीर श्रेणी की ओर इशारा कर रहा है। सीपीसीबी की मानें तो आनंद विहार में एक्यूआई 295, अलीपुर 275, बवाना में 235, मथुरा रोड 230, अशोक विहार 200 और चांदनी चौक में 168 एक्यूआई दर्ज हुआ, जो ‘मध्यम से खराब’ श्रेणी में आता है। ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 300, गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में एक्यूआई 315, इंदिरापुरम में 240, वसुंधरा में 215 और संजय नगर में 180 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। हालांकि अगले सप्ताह मौसमी गतिविधियां होने से प्रदूषण का स्तर कम हो सकता है।
राजस्थान का मौसम कैसा है
राजस्थान में लगातार मौसम गर्मी की ओर शिफ्ट हो रहा है। खासकर, गुजरात और बॉर्डर एरिया के जिलों में अधिकतम तापमान बढ़ता जा रहा है। फिलहाल, बाड़मेर 41.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे गर्म शहर है तो कोटा में भी 41 डिग्री से ऊपर पारा पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। हालांकि, अलवर, सीकर और झुंझनू में आंशिक तौर पर बादलों की आवाजाही से मौसम बदला नजर आ रहा है। हालांकि, 19 अप्रैल से राज्य के कुछ हिस्सों पर आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उधर, मध्य प्रदेश में 19 अप्रैल से मौसमी गतिविधियां होने का पूर्वानुमान है।
हरियाणा का मौसम कैसा रहेगा
हरियाणा और पंजाब में लगातार मौसम का मिजाज गर्म प्रतीत हो रहा है। खासकर, हरियाणा में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जिससे ये संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही लू चलेगी और हीटवेव का अलर्ट घोषित कर दिया जाएगा। हालांकि, मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है। 16 अप्रैल से मौसम का मिजाज बदलना शुरू होगा और 17-18 अप्रैल को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश का अलर्ट है। खासकर, दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा में मौसम का असर अधिक होगा।
पंजाब में मौसम बारिश होगी क्या?
पंजाब में मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 दिन में मौसम का मिजाज बदलेगा और कई जिलों में मौसमी गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। आईएमडी ने बताया कि 16 अप्रैल को आंशिक तौर पर कुछ हिस्सों पर बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन 17 और 18 अप्रैल को राज्य के कुछ हिस्सों पर आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली कड़कने और बारिश का येलो अलर्ट है। बारिश और हवाओं की गति अच्छी रहने से मौसम काफी सुहावना हो सकता है, जिससे लोगों को बढ़ती गर्मी से राहत मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम
हिमाचल प्रदेश के लिए अगले 3 दिन का मौसमी अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी ने बताया कि 17 अप्रैल से लेकर 20 अप्रैल तक राज्य के पर्वतीय भागों पर एक नये वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर दिखाई देगा और कई स्थानों तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। पानी गिरने, हवाएं चलने और ओले गिरने से मौसम काफी सर्द महसूस होगा। हालांकि, मैदानी जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। उधर, जम्मू-कश्मीर के घाटी और ऊंचे स्थानों पर मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों पर आंधी-बारिश और बर्फबारी की संभावना व्यक्त की है। इस दौरान कुछ भागों पर ओले गिर सकते हैं, लिहाजा लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
दक्षिण भारत में हीटवेव का अलर्ट
दक्षिण भारत में लगातार पारा चढ़ता जा रहा है। कई राज्यों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जिससे हीटवेव का अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मौसम विभाग का मानना है कि तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल के अधिकांश भागों पर लू का अलर्ट जारी है और गर्मी का सितम बढ़ता जा रहा है। हालांकि, मौसम विभाग ने कुछ तटीय भागों पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर दिखाई दे सकता है, जिससे केरल के कुछ भागों पर आंधी-बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं। लेकिन तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, कोझिकोड, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम, कोट्टायम, कासरगोड और कन्नूर में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। उधर, तमिलनाडु के तटीय भागों को छोड़कर मैदानी जिलों कोयंबटूर, मदुरै शहर, सलेम, मदुरै, नमक्कल, तिरुपत्तूर, धर्मपुरी, तिरुचिरापल्ली और पलायमकोट्टई में गर्मी का असर बढ़ गया है। हालांकि, शनिवार-रविवार तक मौसम बदल सकता है और लो प्रेशर एरिया बनने से तटीय हिस्सों पर आंधी-तूफान के साथ मध्य स्तर की बारिश हो सकती है।
16 अप्रैल गुरुवार का तापमान
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 23°C | 38°C |
| जयपुर | 25°C | 38°C |
| भोपाल | 26°C | 38°C |
| चंडीगढ़ | 21°C | 35°C |
| चेन्नई | 27°C | 34°C |
| बेंगलुरु | 23°C | 36°C |
| कोलकाता | 27°C | 37°C |
| रांची | 23°C | 36°C |
| पटना | 24°C | 38°C |
| लखनऊ | 24°C | 39°C |
| मुंबई | 26°C | 32°C |
| देहरादून | 16°C | 29°C |
| शिमला | 12°C | 25°C |
| कश्मीर | 8°C | 19°C |
कब आएगा मानसून?
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि प्री मानसून जल्द ही दस्तक देख सकता है। हालांकि, जून महीने के दौरान मानसून एंट्री दे सकता है, लेकिन गति थोड़ी धीमी रहेगी और अत्यधिक बारिश की संभावना नहीं है। माना जा रहा है कि जून में उत्तर पश्चिम भारत में भीषण लू और गर्म हवाएं चलेंगी, लेकिन दक्षिण और पूर्वोत्तर में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तीव्र मानसून के आगे बढ़ने के आसार रहेंगे। हालांकि, मानसून सामान्य से कम रहेगा। उत्तर भारत में कम बल्कि पूर्वोत्तर भारत बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय में बेहतर बारिश को होने की उम्मीद है।
हीटवेव क्या है?
मार्च की शुरुआत से ही अधिकांश राज्यों में तापमान बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिन में तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और रायमसीला में दिन का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। अगले 10 दिन में 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मैदानी इलाकों में हीटवेव के 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना आवश्यक है, जो सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होना चाहिए। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30 डिग्री सेल्सियस निर्धारित है। इस दौरान डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और जानलेवा हीटस्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है। ले चलमे से चक्कर आना, बेहोशी इत्यादि आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
गर्मी कहां पड़ रही
देश के अधिकांश भागों पर तापमान में बढ़ोतरी जारी है। हालांकि, अभी भी हिमालयी राज्यों पर बर्फबारी से मौसम सर्द है, लेकिन उत्तर भारत में न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। लिहाजा, अगले सप्ताह तक मौसम काफी गर्म महसूस होगा। फिलहाल, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और गुजरात, महाराष्ट, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकांश भागों पर गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है। जल्द ही कुछ राज्यों में लू और सनबर्न का अलर्ट जारी हो सकता है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मी का सीजन शुरू होने के संकेत मिलने लगे है। लिहाजा गर्मियों के सीजन से बचाव के लिए सनबर्न का अलर्ट जारी किया जाता है। दरअसल, एक्सपर्ट के मुताबिक, सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक माना जाता है। चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के अधिक संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द महसूस होता है। यानी की अधिकांश केस में स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क प्रतीत होता है।
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FAQs
पश्चिमी विक्षोभ क्या होता है?
उत्तर भारत और पहाड़ों पर अक्सर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की सूचना मिलती है। इसके प्रभाव से आंधी-बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाती हैं। तो लोग जानना चाहते हैं कि पश्चिमी विक्षोभ क्या है? तो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कोई तूफान नहीं होता, बल्कि यह एक पूरा मौसमी सिस्टम होता है। इसे विज्ञान की भाषा में एक्स्ट्राट्रॉपिकल डिस्टर्बेंस कहा जाता है। इसका मतलब है ऐसा दबाव तंत्र जो उष्णकटिबंधीय इलाकों के बाहर बनता है और ठंडी नम हवाओं के साथ आगे बढ़ता है। आईएमडी के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ आमतौर पर भूमध्यसागर, कैस्पियन सागर या ब्लैक सी के आसपास जन्म लेता है, जहां ठंडी ध्रुवीय हवाएं और अपेक्षाकृत गर्म समुद्री सतह आपस में टकराती हैं। जब इन क्षेत्रों में वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ती है तो वहां कम दबाव का क्षेत्र बनता है। यही कम दबाव आगे चलकर पश्चिमी विक्षोभ का रूप लेता है। यह सिस्टम अपने साथ नमी, बादल और ठंडी हवाएं लेकर चलता है और धीर-धीरे पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ता है।
